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Title : Need to expedite implementation of Barane Water Reservoir Scheme and the pending irrigation schemes of Koyal, Konhar and Kadvan.
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली):अध्यक्ष महोदया, चार राज्यों से संबंधित, चार जलाशयों के विषय में, मैं, सदन और सरकार का ध्यान आपके माध्यम से आकृष्ट कराना चाहता हूं। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से संबंधित कदवन सिंचाई परियोजना, बटेशर जलाशय परियोजना, कनहर परियोजना और कोयल परियोजना कई वर्षों से लम्बित पड़ी हैं क्योंकि इनमें अंतर्राज्यीय मामला संबंधित है। भारत सरकार चारों राज्यों को बैठाकर इसमें निर्णय कर सकती है क्योंकि भारत सरकार के जिम्मे संवैधानिक अधिकार है। कदवन, कनहर, कोयल और बटेशर योजना 4-5 करोड़ों लोगों को लाभान्वित करेंगी। वहां पर आज विधि-व्यवस्था की हालत खराब हो गयी है, वहां पर नक्सलवाद बढ़ रहा है। मैं वहां गया तो लोगों ने कहा कि संसद में इस विषय पर सवाल उठाइयेगा। वहां पर उग्रवाद, नक्सलवाद और हिंसा का बोलबाला हो गया है। सिंचाई विभाग और संसदीय कार्य मंत्री संयोग से एक ही मंत्री हैं, इसलिए वे चारों राज्यों को बैठाकर कनहर, कदवन, कोयल व बटेशर परियोजनाओं का लम्बित मामला हल करें। इससे पन-बिजली निकलेगी, धान का इलाका है, धान की सिंचाईभी होगी। सिंचाई नहीं होने से धान की पैदावार में कमी हो जाती है। इसलिए इन चारों लम्बित पड़ी परियोजनाओं का कार्यान्वयन करे। उस इलाके में एनएच-98 है, उसकी हालत भी खराब है। एनएच-98 और एनएच-75 जो पटना के पश्चिमी इलाके से होकर रांची तक जाती है उसकी हालत भी अच्छी नहीं है, सड़कें चौपट हैं। इन चारों परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया जाए क्योंकि जहां सड़क नहीं है, वहां विकास नहीं है और वहीं पर उग्रवाद है। सरकार अगर उग्रवाद को खत्म करने के लिए गंभीर है तो इन परियोजनाओं को जो लम्बित पड़ी हुई हैं, जल्दी से जल्दी पूरा कराएं। धन्यवाद।
श्री मंगनी लाल मंडल (झंझारपुर): अध्यक्ष महोदया, मैं माननीय रघुवंश प्रसाद सिंह जी के भाषण से अपने को सम्बद्ध करता हूं।
श्री हुक्मदेव नारायण यादव (मधुबनी): अध्यक्ष महोदया, माननीय रघुवंश प्रसाद सिंह जी द्वारा उठाये गये विषय से मैं अपने को सम्बद्ध करता हूं।