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Title : Need to demarcate the border of Son Chiraiya Sanctuary in Gwalior and give permission for quarrying activities in the area near the sanctuary.
श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया (ग्वालियर): महोदय, ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत वन वृत्त ग्वालियर में सोन चिड़िया अभ्यारण्य है, इसमें लगभग 7-8 सोन चिड़िया होने का दावा वन विभाग करता है । घाटीगांव ब्लॉक जिला ग्वालियर के अंतर्गत स्थापित इस अभ्यारण्य के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरई, पवा, लखनपुरा, राई डांग चराई, सिरोल, आंतरी, महुआ खेड़ा, गुर्जा, गोटपुरा, सुजवाया एवं अन्य गावं स्थापित हैं । अभ्यारण्य क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र से उत्खनन प्रतिबंधित है । इन गांवों के अंतर्गत आने वाली सड़कों का निर्माण/उन्नयनीकरण हेतु वन विभाग द्वारा अनुमति नहीं दी जाती ।
इन गांवों के निवासियों का रियासत के समय से मुख्य रोजगार क्षेत्र से फर्शी पत्थर निकालकर अपने परिवार का भरण पोषण करना है । यहाँ के पत्थर की मांग देश के अन्य शहरों में होने के साथ-साथ विदेश तक है । क्षेत्रीय निवासी/ठेकेदार राजस्व क्षेत्र से उत्खनन की अनुमति लेकर, फर्शी पत्थर का उत्खनन वन क्षेत्र से करते हैं ।
अतः सरकार से आग्रह है कि इस हेतु समुचित निर्देश सर्व संबंधित को प्रदान करें की सोन चिड़िया के संरक्षण एवे संवर्धन हेतु एक निश्चित क्षेत्र सीमांकित करके, फर्शी पत्थर के उत्खनन हेतु विधिवत अनुमति दी जावे, जिससे वन विभाग को आय होगी तथा विभाग को प्राप्त होने वाली आय का उपयोग सोन चिड़िया के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु एवं अन्य वनीकरण कार्य हेतु उपयोग किया जा सकता है ।