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Need To Consider Bihar As A Special State And To Announce An Economic … on 17 August, 2001

Lok Sabha Debates
Need To Consider Bihar As A Special State And To Announce An Economic … on 17 August, 2001

Title: Need to consider Bihar as a special state and to announce an economic package for Bihar.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह

(वैशाली):अध्यक्ष जी, पिछले साल नवम्बर माह में माननीय प्रधान मंत्री जी से बिहार के सभी सांसद और बिहार से जो मंत्री आये हुए हैं, वे सभी लोग मिले थे और मिलकर बिहार को इकॉनोमिक पैकेज देने के लिए मांग की थी और स्मारक पत्र जमा किया था। प्रधान मंत्री जी ने आश्वासन भी दिया था। बिहार विभाजन के बाद बिहार की आर्थिक हालत खराब है।…( व्यवधान )जहां दो तिहाई आबादी बिहार की तरफ है, एक तिहाई आबादी झारखंड की तरफ है जबकि दो तिहाई आमदनी झारखंड की तरफ है। एक तिहाई बिहार की तरफ रह गई और वित्त मंत्री ने कहा है कि पंचम वेतन आयोग के बाद, उसे लागू करने के बाद राज्य सरकार की वित्तीय हालत और खराब हो गई है।…( व्यवधान )बिहार की वित्तीय हालत पहले से ही खराब थी, इसीलिए उस स्मारक पत्र मे जिक्र था कि बिहार को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाये। दूसरे, बिहार के पास केन्द्र का जो १०,००० करोड़ रुपये का कर्जा है, उसे माफ किया जाये। तीसरे, बिहार को स्पेशल राज्य का दर्जा दिया जाये लेकिन नये राज्य में केन्द्र सरकार ने उत्तराखंड को नये राज्य का, विशेष राज्य का दर्जा दिया लेकिन बिहार के साथ अन्याय हो रहा है, भेदभाव हो रहा है और बिहार हर साल अन्तर्राष्ट्रीय नदियों के कारण बाढ़ और सुखाड़ दोनों से तबाह हो रहा है। बिहार की ८ करोड़ २० लाख की आबादी जिसमें किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और गरीब लोग बसते हैं, उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है, इसीलिए मैं मांग करता हूं कि बिहार को इकॉनोमिक पैकेज दिया जाये।

…( व्यवधान )

SHRI RAJIV PRATAP RUDY

(CHHAPRA): Sir, for the first time, he is telling the truth. So, I also associate with him.

MR. SPEAKER: Yes, you can also associate.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :इसीलिए मैं जानना चाहता हूं कि उस इकोनॉमिकल पैकेज का क्या हुआ, उन मांगों का क्या हुआ?…( व्यवधान )मैं सरकार से मांग करता हूं कि सरकार विशेष ध्यान दे नहीं तो बिहार एक सोये हुए शेर के समान है।…( व्यवधान )बिहार लड़ना भी जानता है और हम लड़कर भी अपना अधिकार लेना जानते हैं।…( व्यवधान )इसीलिए केन्द्र सरकार स्पष्ट करे और सरकार के मंत्री बैठे हुए हैं, वे इस पर रिएक्ट करें कि उस इकॉनोमिकल पैकेज का क्या हुआ, कर्जा माफी का क्या हुआ और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के बारे में क्या हुआ? …( व्यवधान )

MR. SPEAKER: Shri Devendra Prasad Yadav, you can also associate.

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव

(झंझारपुर) :हम भी इसके साथ एसोशिएट करते हैं कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। चूंकि बिहार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है।…( व्यवधान )वहां ६ महीना बाढ़ और ६ महीना सुखाड़ रहता है, इसीलए विशेष परिस्थिति में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। बिहार नॉर्थ-ईस्ट जैसी हालत में है और उससे भी खराब हालत बिहार की होने वाली है। किसानों के ऋण को भी माफ करने की जरूरत है। मैं चाहता हूं कि सरकार इस ओर ध्यान दे।…( व्यवधान )

श्रीमती कान्ति सिंह (बिक्रमगंज):महोदय, इस विषय पर केन्द्रीय सरकार को जवाब देना चाहिए।

…( व्यवधान )

MR. SPEAKER: Many Members have supported Dr. Raghuvansh Prasad Singh.… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri Seth, just one minute. The hon. Minister is on his legs. …( व्यवधान )

संसदीय कार्य मंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (श्री प्रमोद महाजन):अध्यक्ष महोदय, बिहार के विभाजन के बाद झारखण्ड अलग होने से ज्यादातर संसाधन झारखण्ड मे चले जाने के कारण…( व्यवधान )

रघुवंश प्रसाद जी, देवेन्द्र प्रसाद यादव जी, श्री राजीव प्रताप रूडी, श्रीमती श्यामा सिंह, श्री सोमनाथ चटर्जी तथा अन्य माननीय सदस्यों का जो कहना है, इसमें दो राय नहीं हो सकतीं, विभाजन के पहले जो संसाधन बिहार के पास थे, विभाजन के बाद दो-तिहाई लोक संख्या बिहार में है और दो-तिहाई संसाधन झारखण्ड में चले गए हैं। इस कारण निश्चित रूप से वित्तीय संकट का प्रश्न बिहार में खड़ा हुआ है। जैसा देवेन्द्र प्रसाद जी ने कहा, इसके साथ-साथ बाढ़ और अकाल के चक्र के कारण भी समस्यायें खड़ी हुई हैं। केन्द्रीय सरकार इस पर जरूर ध्यान देगी । …( व्यवधान )इससे ज्यादा मैं खड़े होकर क्या कह सकता हूं। …

( व्यवधान )

MR. SPEAKER: The Minister has not completed his reply. … (Interruptions)

 
 
 

MR. SPEAKER: Nothing, except what the Minister is saying, would go on record (Interruptions) …*

MR. SPEAKER: Let the Minister complete his reply. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Nothing, except what the Minister is saying, would go on record. (Interruptions) … *

संसदीय कार्य मंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (श्री प्रमोद महाजन):जो विषय उठाया गया है, मैं माननीय सदस्यों की भावनाओं को प्रधान मंत्री जी तक पहुंचा दूंगा। …( व्यवधान )