Title: Need to provide a special economic package for revival of industries in Jharkhand.
श्री भुवनेश्वर प्रसाद मेहता (हजारीबाग) : झारखण्ड में कल कारखाने लगातार बंद हो रहे हैं, पांच वर्ष के अन्दर अभी तक लघु एवम् बड़े उद्योग सहित लगभग दो हजार उद्योग बंद हो गए हैं, जिससे डेढ़ लाख मजदूर बेकार हो गए हैं और उनकी रोजी-रोटी मारी गई है और वे भूखों मरने पर मजबूर हैं। अभी हाल में हजारीबाग जिला के भुरकुन्डा में ग्लास फैक्ट्री के बंद होने से पांच हजार मजदूर बेकार हो गए और पच्चीस हजार से अधिक लोग जो इस कारखाने फर आश्रित थे, उनकी भी रोजी-रोटी मारी गयी है। इसके पहले झारखण्ड में खाद का एकमात्र कारखाना सिन्दरी, हिन्दुस्तान कॉपर माइन्स की छ: खान बासल, खालरी की सीमेंट फैक्ट्री पहले ही बंद हो गयी है। कोल इण्डिया के ई.सी.एल., बी.सी.सी.एल., हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन, रांची आदि की भी हालत खराब है। झारखण्ड की पहचान जो कल-कारखाने और खदान तथा वन सम्पदा के चलते है, धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
अत: माननीय प्रधान मंत्री से आग्रह है कि झारखण्ड जो कि अनुसूचित जनजाति बाहुल्य राज्य है, उसे विशेष पैकेज देकर बंद कारखानों को खुलवाने एवम् बीमार उद्योगों को बंद होने से बचाएं।