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Request The Hon’Ble Minister To See That Aligarh Muslim University … on 7 December, 1998

Lok Sabha Debates
Request The Hon’Ble Minister To See That Aligarh Muslim University … on 7 December, 1998


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Title: Request the Hon’ble Minister to see that Aligarh Muslim University work according to the norms and need to take sympathetic attitude towards the students on hunger strike.

12.59 hrs. डा. शकील अहमद (मधुबनी) : सभापति महोदय, अलीगढ़ मुस्िलम युनिवर्िसटी के जूनियर डाकटर्स, डा. शहबाज़ अहमद, डा. बाबर रहमानी और श्री तहसीन आलम पिछले छ: दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांगें बड़ी सिम्पल हैं। इस सदन में पहले भी कई माननीय सदस्यों ने इस मामले को उठाया था। पिछले तीन साल में वाइज़ चांसलर ने तीन-चार बार विश्वविद्यालय को अनश्िचत काल के लिए स्थगित किया है। लड़कों पर हमला करवाया है। विश्वविद्यालय को तबाह एवं बर्बाद करने की साजिश हो रही है। अत: मेरी मंत्री जी से मांग है कि उन लड़कों की जान बचाने के उपाय किए जाएं। उनसे कोई बात नहीं हो रही है, उनसे सरकार बात करे। ये लोग अलीगढ़ मुस्िलम विश्वविद्यालय को बर्बाद करना चाहते हैं। छ: दिन से लड़के फास्ट पर बैठे हैं। कया आपने उनसे बात की? आपको अपने आदमी भेज कर उनसे बात करवानी चाहिए। । … (व्यवधान) यह सरकार प्लानिंग करके अलीगढ़ मुस्िलम विश्वविद्यालय को बर्बाद करना चाहती है।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)¨Éä®úÉ ªÉ½þ Eò½þxÉÉ ½þè ÊEò +É{É =xɺÉä ¤ÉÉiÉ iÉÉä EòÒÊVÉB, ±Éc÷Eòä Uô: ÊnùxÉ ºÉä ¦ÉÚJÉ ½þc÷iÉÉ±É {É®ú ¤Éè`öä ½þèÆ* महोदय, इस देश में अन्याय हो रहा है। पार्िलयामेंट का सत्र चल रहा है। डाकटर्स पिछले छ: दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। वहां वी.सी. ने तरह-तरह से लड़कों को परेशान करने का काम किया है। पिछले तीन साल से वहां कोर्ट की मीटिंग नहीं हो रही है। आपने इस सदन में छ: मेम्बरों को कोर्ट के लिए आज से चार महीने पहले इलैकट किया लेकिन उनको अभी तक एक भी पत्र नहीं मिला। पिछले तीन साल से अलीगढ़ मुस्िलम विश्वविद्यालय में कोर्ट की मीटिंग नहीं हुई, एग्ज़ीकयूटिव काउंसिल और अकादमी काउंसिल की मीटिंग नहीं हुई। वहां हर तरह से वी.सी. ने सारी पावर अपने हाथ में ले ली है। 13.00 hrs. वह ठइंडिया टुडे” में बयान देते हैं कि वह स्टूडैंटस को शरारती तत्वों से पिटवा देंगे और उनके हाथ-पैर तुड़वा देंगे। वाईस-चांसलर यूनिवर्िसटी के खिलाफ खुद ही बयान देते हैं। यह उन्हें प्रोटैकट कर रहे हैं और इसे बरबाद करना चाहते हैं। डाकटरों की भूख हड़ताल तोड़ने के लिए उनसे बात कर समझौता किया जाए। हम कुछ और नहीं चाहते हैं। आप वाईस-चांसलर के खिलाफ कार्यवाही कीजिए। सरकार इस बारे में कुछ नहीं कर रही है।>

श्री जी.एम. बनातवाला (पोन्नानी) : यह इम्पोर्टेंट डिमांड है। हम इसको सपोर्ट कर रहे हैं।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)=x½þÉäÆxÉä BEò ¨É½þÒxÉä ºÉä ½þc÷iÉÉ±É EòÒ ½þÖ<Ç ½þè* <ºÉʱÉB ½þɱÉiÉ JÉ®úÉ¤É ½þè* ½þ¨É <xÉEòÒ ¨ÉÉÆMÉ EòÉä ºÉ{ÉÉä]õÇ Eò®úxÉÉ SÉɽþiÉä ½þèÆ*

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

>SHRI SOMNATH CHATTERJEE (BOLPUR): Mr. Chairman, Sir, this is a very serious matter. A few days back, this matter was raised. Since the hon. Minister is here, I would request him to respond. The University is closed for the third time in three years. The way affairs are going on, the matter is ought to raise serious concern in the mind of the Minister.

Some students met me yesterday. It appears that the way things are being conducted there, not a vestige of legality and parleys of democratic principle are there. One person, who is Registrar, Pro-Vice Chancellor, Controller and Director of Academic Programme is the same person — who happens to be his favourite — is holding all these posts. There have been no meetings of any of the bodies, as mentioned by my hon. friend.

So far as the Students’ Union is concerned, it has been dissolved. His own favourite has been nominated as the President of the Union. He is doing whatever he likes.

Secondly, you may have heard that every University’s Act contains a provision giving some emergency powers to the Vice Chancellor in genuine cases of emergency which has also been interpreted, amongst other Courts, by the Supreme Court of India. I am told, the whole university is now being carried under Emergency Powers 93 of the Act. Every decision is supposed to be an emergency decision. In total, 477 orders have been passed under emergency powers which has to be used on the rarest of rare occasions. The whole thing has become a mockery.

Those students who are studying there, their future is uncertain. Some students are on hunger strike. I do not want to make it confrontational because serious allegations are there. Therefore, this is a matter in which the hon. Minister should intervene immediately and see that this great seat of learning functions properly and that the genuine grievances of the students, academic staff are looked into at the earliest without loss of any time. Therefore, I strongly support the matter which has been mentioned here. श्री मोहन सिंह (देवरिया): माननीय मंत्री जी यहां बैठे हैं लेकिन उनकी ओर से इस बारे में कोई जवाब नहीं आ रहा है।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) श्री रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): आप वाईस-चांसलर हटा कयों नहीं देते? … (व्यवधान)

> श्री आरिफ मोहम्मद खां (बहराइच) : सभापति महोदय, मेरा भी एक जुमला सुन लिया जाए। यह बहुत गम्भीर प्रश्न है। बच्चे पिछले छ: दिन से भूख हड़ताल पर हैं। मेरा बहुत आग्रहपूर्वक अनुरोध है कि सबसे पहले उनकी भूख हड़ताल खत्म करवाई जाए। इसमें सौदेबाजी की बात नहीं है। उन्हें विश्वास दिलाने की बात है। यूनिवर्िसटी का कानून इस संसद के जरिये पास हुआ है और उसके मुताबिक यूनिवर्िसटी चलेगी। वहां अगर किसी कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाए। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं मांग रहे हैं। हम आपकी संवेदनशीलता को देखते हुए एक अपील करना चाहते हैं। वे आपके छोटे बच्चे हैं। वे ६ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुये हैं। अगर किसी को कहीं कोई नुकसान हो गया जिससे आगे उनके स्वास्थ्य या जीवन पर असर पड़ा तो आपको तकलीफ होगी और इस सदन को भी होगी। इसलिये आपसे गुजारिश है कि आप चलकर उन बच्चों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म करवायें। मानव संसाधन विकास मंत्री तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री (डा. मुरली मनोहर जोशी): सभापति महोदय, आपने आदेश दिया था…

SHRI G.M. BANATWALLA (PONNANI): Mr. Chairman, Sir, I will take only one minute to appeal to the hon. Minister to take a sympathetic attitude…(Interruptions)

MR. CHAIRMAN : He is going to say something. You wait for that.

… (Interruptions)

SHRI G.M. BANATWALLA : Sympathetic attitude should be taken. This hunger strike should come to an end in an appropriate and dignified manner. The University should work according to the norms…(Interruptions)

MR. CHAIRMAN: Shri Banatwalla, he is now reacting to it.

… (Interruptions)

MAJOR GENERAL BHUVAN CHANDRA KHANDURI, AVSM : This is not fair. There are other Members who do not get a chance to raise matters during `Zero Hour’…(Interruptions)

SHRI G.M. BANATWALLA : I met them today morning…(Interruptions)

MR. CHAIRMAN: He is now reacting to it. He wants to react. Do you not want him to react?

SHRI G.M. BANATWALLA (PONNANI): I want a positive reaction. Therefore, I am trying to say that let the reaction be a positive reaction…(Interruptions)

> श्री दग्िवजय सिंह (बंका): सभापति महोदय, डा. जोशी न केवल एजुकेशन मनिस्टर हैं बल्िक खुद एक प्रोफेसर हैं। यूनिवर्िसटी के नियमों और कायदे के बारे में खुद जानते हैं। मुझे इस बारे में उनसे कुछ नहीं कहना है हम तो सिर्फ इतना ही कहना चाहेंगे कि अलीगढ़ मुस्िलम वश्िवद्यालय इस देश के महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। इस संस्था का स्तर पिछले कुछ सालों से लगातार गिरता जा रहा है और आज हालत यह हो गई है कि वहां के सड़के भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसका कारण यह है कि तरह तरह के तत्व वश्िवद्यालय में शामिल हो चुके हैं। इसलिये मैं चाहूंगा कि जल्द से जल्द भूख हड़ताल को समाप्त कराया जाये।

MR. CHAIRMAN: He is reacting to it.

> डा. मुरली मनोहर जोशी: सभापति महोदय, इस मामले में मैंने पहले बच्चों को खुद बुलाया, उसके बाद अध्यापकों को बुलाया और तब प्रो-वाइस चांसलर को बुलाया। वाइस ए चांसलर उस दिन नहीं थे। इन लोगों की आपस में बैठकर बातचीत कराई और यह कहा कि इस बारे में कोई एग्रीड सौल्यूशन मेरे पास लेकर आइये। लेकिन अगले दिन बच्चे मेरे पास नहीं आये। मुझे पता नहीं उनमें आपसे में कया बात हुई है या नहीं। उनकी मुलाकात स्थानीय सांसद श्रीमती शीला गौतम से हुई। इन सबके पहले मुझे श्री आरिफ साहब ने बताया कि वाइस चांसलर को इत्तला किया है कि इस मामले में पूरी डिटेल्ज़ बतायें। सभापति महोदय, जहां तक अलीगढ़ मुस्िलम विश्वद्यालय का सवाल है हमारी सरकार की इस संबंध में स्पष्ट नीति है कि यह राष्ट्रीय स्तर की संस्था है जिसे राष्ट्रीय स्तर की सभी सुविधायें देंगे। सब प्रकार की व्यवस्था करेंगे। अगर कोई गैर-कानूनी काम हुआ है जो लॉ के मुताबिक नहीं है तो उस बारे में कार्यवाही करेंगे। इसमें किसी तरह की कोई आपत्ित नहीं है लेकिन मैं यह जरूर चाहूंगा कि इस सारे मामले को पालटिसाइज़ न किया जाये। सब मिलकर इसका साल्यूशन ढूंढें और इस संस्था को बचाने की जरूरत है। इस संस्था को बढ़ाये जाने की भी जरूरत है। पिछले तीन सालों में वहां जो कुछ हुआ है, उस पर हम गौर कर रहे हैं। हमने जिला प्रशासन से बात की है, उत्तर प्रदेश सरकार से बात की है। इसके अलावा अकेडेमिक वर्लड से बात कर रहे हैं। और इस पर बहुत अच्छा सोल्यूशन निकालेंगे। इस विश्वविद्यालय को हिन्दुस्तान की महत्वपूर्ण प्रीमियर यूनिवर्िसटी बनाना चाहते हैं, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की यूनिवर्िसटी बनाना चाहते हैं। श्री आरिफ मोहम्मद खान(बहराइच): लेकिन भूख हड़ताल का मामला है..

… (व्यवधान)

SHRI SOMNATH BANNERJEE (BOLPUR): You see to it that hunger strike is withdrawn. डा. शकील अहमद (मधुबनी): हम लोग यह कहना चाहते हैं कि आप पहले भूख हड़ताल को समाप्त करें।

SHRI SOMNATH CHATTERJEE : Dr. Joshi can make a request to the students. Please see to it that they withdraw the strike. You make a request to them. I am sure, they will listen to you.

DR. MURLI MANOHAR JOSHI: I have already made a request four days ago. And I have no difficulty in repeating that request many times. They are my students. I am anxious to save their lives and their future. But the question is that it should be done in an amicable atmosphere so that in future the University functions properly.

SHRI SOMNATH CHATTERJEE : That is all right. Let them withdraw the strike. श्री आरिफ़ मोहम्मद खान : माननीय सभापति जी, मैं सुझाव दे रहा हूं। अपील करने की भी ज़रूरत नहीं रह जाएगी। जैसे मंत्री जी ने कहा कि इसको पोलटिसाइज़ न किया जाए, उसका भी कोई स्कोप नहीं रहेगा। माननीय शिक्षा मंत्री जी, दादा सोमनाथ जी और जो भी माननीय सदस्य आप कहें, थोड़ी देर बाद का वकत तय कर लें, हम लोग चले जाते हैं, बच्चों से मिलकर आते हैं और हम चाहते हैं कि आप चलकर उन्हें जूस पिलाइए और उनकी भूख हड़ताल खत्म करवाएं। बनातवाली जी को भी ले लीजिए। फिर इसको पोलटिसाइज़ करने की गुंजाइश नहीं रह जाएगी। मेरी आपसे अपील है कयोंकि मुझे उन बच्चों के स्वास्थ्य की फिक़ है।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)+É{É Eò½þäÆ iÉÉä {ɽþ±Éä ½þ¨É SɱÉä VÉÉiÉä ½þèÆ* … (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) डा. मुरली मनोहर जोशी : मैं उसका समय नश्िचत करके आपको बता दूंगा। मैं बता दूंगा तब जाएं कयोंकि मुझे उसके बारे में कुछ जानकारी हो। यहां हम कोई कदम ले लें और उससे विश्वविद्यालय की अथॉरिटीज़ के साथ उसको आगे चलाने में दिककत हो, यह ठीक नहीं है। थोड़ा बहुत समय मुझे दें। श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान : हम किसी और चीज़ के लिए नहीं कह रहे हैं। हम किसी स्पेसफिकस में भी नहीं जा रहे हैं। अगर स्पेसफिकस में जा रहे होते तो दिककत हो सकती थी।

I am only asking you to give an assurance that law will be upheld…(Interruptions)

SHRI SOMNATH CHATTERJEE : May I request the hon. Minister to authorise Shri Arif Mohammad Khan to tell them that you are very sympathetic towards them and will look into the matter?…(Interruptions) डा. मुरली मनोहर जोशी : आप उनसे इतना जाकर कह दीजिए क

we are very sympathetic and considering the matter very early. श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान : मैं चाहता हूं कि कुछ और लोग चलें। मैं अकेले ठीक नहीं हूं।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

MR. CHAIRMAN : Shri Yerrannaidu.

… (Interruptions)

MR. CHAIRMAN: The hon. Minister of Human Resource Development has already authorised you to be in touch with the students.

… (Interruptions) डा.शकील अहमद : इस पर कोई फाइनल डिसीजन आना चाहिए।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) डा. मुरली मनोहर जोशी : आरिफ़ जी और शीला जी चले जाइए।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

श्री राजेश पायलट (दौसा) : तरह-तरह की बातें अखबारों में छप रही हैं। यह हमारा बड़ा प्रेस्टीजियस इंस्टीटयूशन है और इसकी सारे देश में इज्ज़त है और विदेशों में भी इज्ज़त है।>It is a well known University internationally. … ( व्यवधान) डा. मुरली मनोहर जोशी : उसको ठीक रास्ते पर चलाने की कोशिशें हो रही हैं। श्री राजेश पायलट : आप एक काम करें कि एक पार्िलयामेंटरी डेलीगेशन में कुछ सांसद यहां से चले जाएं और सच्चाई देखकर आएं कि कया बात है। उसमें सरकार इनीशियेटिव ले सकती है।

We do not want the Government to interfere in Aligarh Muslim University. We are against it. But a small delegation of Parliament can go and check up as to what is happening there and report both to you and the House as the matter has been so much publicised in the media for the last one month. And the students are sitting on hunger strike for the last seven to eight days. श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान : सभापति जी, अभी आप इस पर कुछ मत कहिये। … (व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: The matter has already been brought to the notice of the Government and the Minister has also reacted to it immediately. He has already said that Shri Arif Mohammad Khan, Shrimati Sheela Gautam and Shri Digvijay Singh may go and attend the students.

… (Interruptions) श्री आरिफ़ मोहम्द ख़ान (बहराइच) : पायलट जी को भी ले लीजिए।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

MR. CHAIRMAN: Shri Rajesh Pilot may also go there. You are not allowing me to speak, Shri Arif Mohammad Khan.

… (Interruptions) श्री राजो सिंह (बेगूसराय) : कांग्रेस की तरफ से डा.शकील अहमद को भी लीजिए। … (व्यवधान) डा. मुरली मनोहर जोशी : यह कोई पार्टी की तरफ से नहीं जा रहे हैं। आरिफ साहब ने भी कहा कि इसको इस रूप में न लिया जाए। मैंने आरिफ़ साहब को कहा था कयोंकि ये वहां की स्टूडेण्टस यूनियन के लीडर रह चुके हैं और शीला जी वहां की सांसद हैं, इसलिए ये दो लोग काफी थे। इसलिए इस बात को आगे न बढ़ाया जाए।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) श्री आरिफ़ मोहम्मद खान : मैं एक रॆकवेस्ट करना चाहता हूं। सभापति महोदय : आप इनकी ओर से जाकर सिम्पेथेटिकली उनका फास्ट तुड़वाइए। श्री आरिफ़ मोहम्मद खान : मेरा एक अनुरोध सुन लीजिए। उसके बाद जो आपका फैसला होगा वह मैं करूंगा। मेरा एक अनुरोध है जिससे बच्चों को विश्वास आ जाएगा कयोंकि हां, कयोंकि आज की तारीख में आप हमें इसके लिए तो ऑथराइज़ नहीं कर रहे हैं कि हम उनको कोई ऐश्योरेन्स दें। हम सिर्फ इतना कहने जा रहे हैं कि आपकी पूरी बात पर हमदर्दी के साथ गौर होगा। उनको अच्छा लगेगा अगर माननीय शीला जी के अलावा आपके चीफ़ व्िहप को भी साथ ले लें, राजेश पायलट जी को भी ले लें।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) अध्यक्ष महोदय, मेरे अकेले जाने से विश्वास नहीं आयेगा, सब पार्िटयों के लोग जायेंगे। डा. मुरली मनोहर जोशी: मेरी प्रार्थना है कि आपके जाने से लोगों को यकीन आ जायेगा॥ श्री आरिफ मोहम्मद खां : मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि मेरा काम आसान हो जायेगा, मैं आपका हुकम मानूंगा, अगर कई लोग जायेंगे तो मेरा काम आसान हो जायेगा। डा. मुरली मनोहर जोशी: मेरा काम भी आसान हो जायेगा अगर आप अकेले जाएं, आपका काम आसान करना है।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

MR. CHAIRMAN : This cannot go on record.

(Interruptions) *

MR. CHAIRMAN: Now, Shri K. Yerrannaidu to speak.

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* Not Recorded. डा. शकील अहमद (मधुबनी) : मंत्री महोदय, आपने कहा कि आप थोड़ी देर के बाद बता देंगे, आप थोड़ी देर के बाद टाइम बता दीजिए।

… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)

MR. CHAIRMAN: I have already called Shri K. Yerrannaidu to speak.

… (Interruptions)

SHRI M. SELVARASU (NAGAPPATTINAM): Sir, we have already given notice for raising certain issues during Zero Hour. Already, we are waiting for it. But we are not allowed to speak. Some other Members are speaking? What is this?…(Interruptions)

MR. CHAIRMAN: I have already called Shri K. Yerrannaidu to speak. Please take your seat.

MR. CHAIRMAN : The House stands adjourned to meet again at 1435 hours.

1336 hrs

The Lok Sabha then adjourned for Lunch till thirty-five minutes

past Fourteen of the Clock.

1440 hrs

The Lok Sabha re-assembled after Lunch at forty minutes

past Fourteen of the Clock.

(Dr. Laxminarayan Pandey in the Chair)