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Suicides By Farmers In Vidharbh Region Of Maharashtra. on 15 December, 2009

Lok Sabha Debates
Suicides By Farmers In Vidharbh Region Of Maharashtra. on 15 December, 2009

श्री दत्ता मेघे (वर्धा): महोदया, मैं भारत सरकार का ध्यान महाराष्ट्र में स्थित विदर्भ क्षेत्र के पिछड़ेपन की तरफ दिलाना चाहता हूं। पिछले कई दशकों से विदर्भ क्षेत्र का विकास नाममात्र ही हुआ है। हमारे देश में आजादी के बाद कई क्षेत्रों में काफी विकास हुआ है। महाराष्ट्र में विकास की यह स्थिति है कि कुछ क्षेत्रों का तो अच्छा विकास हुआ है, लेकिन विदर्भ क्षेत्र पिछड़ रहा है। अगर मैं यह कहूं कि विदर्भ के साथ अन्याय हो रहा है, तो यह बात गलत नहीं होगी। विदर्भ क्षेत्र के किसानों द्वारा लगातार आत्महत्या की जा रही है और आत्महत्या के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। विदर्भ में मजदूरों, किसानों आदिवासियों को काम नहीं मिल रहा है। बहुत बड़ी संख्या में नौजवान बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। यदि आप महाराष्ट्र के पश्चिम क्षेत्र की तुलना विदर्भ क्षेत्र से करें, तो पता चलेगा कि विदर्भ महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों से बहुत पिछड़ा है। स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने विदर्भ क्षेत्र के बारे में विचार करने के लिए श्री पी.ए. संगमा जी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी जिसने विदर्भ को अलग राज्य बनाने का समर्थन किया था। हमारे देश में उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़, झारखण्ड छोटे राज्य बनाए गए और अब तेलंगाना राज्य बनने जा रहा है। छोटे राज्यों में प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक रखने में सुविधा होती है जिससे लोगों की समस्याओं को सुलझाने में आसानी रहती है। जिस प्रकार से सरकार तेलंगाना राज्य बनाने पर विचार कर रही है, उसी प्रकार से मैं विदर्भ को अलग राज्य बनाने की मांग करता हूं।

सभापति महोदया :  आपका विषय सुसाइड ऑफ फार्मर्स है।

श्री दत्ता मेघे : महोदया, सिर्फ एक पार्टी को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों का अलग राज्य बनाने पर समर्थन है। बीजेपी के सभी लोग चाहते हैं कि विदर्भ राज्य बने। वहां राजधानी है, अकेला नागपुर शहर ऐसा शहर है जो राजधानी होकर भी राजधानी नहीं है।…( व्यवधान)

सभापति महोदया : आपने किसानो की आत्महत्या के बारे में विषय लिया था। यह अलग विदर्भ राज्य बनाने की बात क्यों कह रहे हैं?

श्री दत्ता मेघे : मैंने वही लिखा था, उसे पढ़ चुका हूं। उस इलाके में पिछड़ापन है, इसलिए अलग राज्य बनाया जाए।