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Need To Ensure Power Supply In Uttar Pradesh And Provide Compensation … on 19 July, 2002

Lok Sabha Debates
Need To Ensure Power Supply In Uttar Pradesh And Provide Compensation … on 19 July, 2002

Title: Need to ensure power supply in Uttar Pradesh and provide compensation to the victims of agitation.

कुंवर अखिलेश सिंह

(महाराजगंज, उ.प्र.) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे शून्यकाल में बोलने का अवसर प्रदान किया । देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है, लेकिन दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा सहित देश के वभिन्न भागों में बिजली की अनापूर्ति के कारण त्राहि-त्राहि मची हुई है । देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है और इसके लिए स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार ही जिम्मेदार नहीं है, केन्द्र में बैठी सरकार भी जिम्मेदार है। मैं आदरणीय जायसवाल जी को बताना चाहता हूं कि २५-२-२००० को भारत सरकार ने जो एमओयू साइन किया है, उसके मुताबिक एनटीपीसी से उत्तर प्रदेश का २७०० मेगावाट का शेयर बनता है, लेकिन उत्तर प्रदेश को आज मात्र १६००-१७०० मेगावाट विद्युत की आपूर्ति की जा रही है। एक रिफार्म स्टेट होने के नाते उस समय यह तय हुआ था कि एनटीपीसी का जो बकाया है, उस पर जोर नहीं दिया जाएगा, उत्तर प्रदेश को अनवरत विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

महोदय, मुझे खेद के साथ कहना पड़ता है कि उस एमओयू को साइन करने के बाद भी केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश को बिजली नहीं दे रही है। उत्तर प्रदेश में स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि किसानों की फसल सूख रही है। आज हजारों-करोड़ों रुपए की फसल सूख चुकी है। इस भीषण गर्मी के माहौल में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि उत्तर प्रदेश का फैजाबाद जनपद, जहां राम के नाम पर विवाद करके ये सरकार में आए थे, वहां स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि १५-१६ जुलाई की रात को लोग विद्युत अनापूर्ति के खिलाफ सत्याग्रह करने सड़कों पर निकल आए। जब जनता सत्याग्रह करने के लिए सड़कों पर निकल आई तो पुलिस ने बर्बरता पूर्वक उनके ऊपर लाठीचार्ज किया और उस लाठीचार्ज में ३५ वर्ष के एक नौजवान राजीव गुप्ता की मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के पश्चात जब उसके ससुर और परिवार के लोग उसका शव देखने के लिए आए तो पुलिस ने फिर लाठीचार्ज किया, जिसमें उनके ससुर के हाथ-पैर टूट गए। यह एक घटना का उदाहरण है।

महोदय, पूरे देश में विद्युत अनापूर्ति को लेकर जितने आंदोलन हुए होंगे, उनमें इस तरह का द्ृष्टांत नहीं मिलता है। यह एक गंभीर घटना है, इसलिए केन्द्र सरकार को सबक लेना चाहिए। जिसकी इस आंदोलन में मृत्यु हुई है, उसके परिवार वालों को दस लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। उत्तर प्रदेश में लगातार जन-आक्रोश बढ़ता जा रहा है और भय का वातावरण व्याप्त है। इस वातावरण को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार पहल करे और विद्युति आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर तरह का प्रयास करे, वरना स्थिति विस्फोटक होगी, जिसके लिए पूरे तौर पर केन्द्र सरकार जिम्मेदार होगी।