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Reported Attacks On Surrendered Militants In Jammu And Kashmir. on 5 August, 2005

Lok Sabha Debates
Reported Attacks On Surrendered Militants In Jammu And Kashmir. on 5 August, 2005


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Title :Reported attacks on surrendered militants in jammu and Kashmir.

चौधरी लाल सिंह (उधमपुर) : महोदया, आपकी बहुत-बहुत मेहरबानी है कि आपने मुझे बोलने के लिए समय दिया। मैं एक अर्जेंट मैटर जो मेरी रियासत खासकर जम्मू-कश्मीर और पूरे हिंदुस्तान के लिए चिंता का विषय है, के बारे में कहना चाहता हूं। पिछले दिनों गवर्नमेंट ने एक सरेन्डर मलिटेंसी पालिसी बनाई थी। जो मलिटेंसी को सरेंडर करने के लिए बनाई गई थी। उसके कारण क्या हुआ कि कई मलिटेंटों को बड़े बैंड-बाजे के साथ सरेन्डर कराया गया, जहां डीजीपी प्रेजेंट थे और कई बड़े लोग थे। हमारे डिस्टि्रक्ट में एक बनी इलाका है जो लोहाई मलहार में है। वहां एक समय काफी मलिटेंसी थी। वहां से फारूख एलियास इमरान एक लांचिंग कमांडर था। उसे दस आदमियों के साथ विद आर्मज एंड अम्युनिशंस सरेन्डर कराया गया। इसके बाद उससे काम लिया गया और भी कई लोग पकड़वाए तथा कुछ मरवाए। काफी जोर-शोर से काम किया गया। कुछ समय बाद वहां के आफिसर्स में आपस में कुछ चेंजेज आए, तो वह आदमी जिसको इन्होंने छोड़ा था, छ: मलिटेंट पिछले दिनों कोटी में बिलवर एक जगह है, वहां ये छ: मलिटेंट आए और जो सरेन्डर करवाया गया मलिटेंट था, उसको रात में आकर मार गए।

महोदया, मैं आपको बताना चाहता हूं, जब मैं पिछले दिनों वहां का टूर किया, वह मेरी कांस्टीटयुएंसी है, तो मुझे वहां के संबंधित एसपी ने कहा, साहब मेरी मॉरल डयूटी बनती है कि आपको बता दूं कि आप वहां मत जाइए, मैं आपको इन्फार्मेशन देना चाहता हूं।यहां पर बड़ी फिलॉस्फी मारते हैं, जो जमीन पर है, उसकी बात की जाए। उसने मुझे यही सुझाव दिया कि आप वहां मत जाइए, बहुत खतरा है, बहुत मलिटेंसी आ गई है।महोदया, फिर जिस डिस्टि्रक्ट में मलिटेंसी खत्म हो चुकी थी, यह डिस्टि्रक्ट कठुआ था।उसके पहाड़ी क्षेत्रों में अब यह हालत है कि आज ५० हार्ड कोर मिलटेंट्स वहां आकर बैठ गए हैं, यह एक चिंता का विषय है।

महोदया, मैं यह कहना चाहता हूं और सरकार को आगाह करना चाहता हूं चाहे यहां की सरकार हो या वहां की, दोनों सरकारें इस मलिटेन्सी के लिए कुछ इंतजाम करें। आप देखेंगे कि बड़े-बड़े जहाजों पर जाकर लोग पहाड़ियों पर उतर जाते हैं और मेरे जैसे एमपी को ७०-७० किलोमीटर, २०-२० किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है तो मैं कहना चाहता हूँ कि उस मलिटेन्सी की समस्या को हल करें। अगर किसी को जानकारी न हो तो मुझसे सलाह करें, मैं बताऊंगा कि कैसे इसे खत्म किया जा सकता है। उनको दबाने से यह खत्म होती है, अगर यह रोज बढ़ती जाएगी तो हम जैसे लोग और आम जनता का जीना हराम हो जाएगा।यह बड़ी समस्या है।