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Regarding The Notice Of Privilege Motion Against The Senior … on 10 March, 2003

Lok Sabha Debates
Regarding The Notice Of Privilege Motion Against The Senior … on 10 March, 2003


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12.07 hrs.

Title: Regarding the notice of Privilege Motion against the Senior Superintendent of Police, Kaimur, Bihar for allegedly obstructing Shri Lal Muni chaubey, M.P. from attending the sitting of the House.

MR. SPEAKER: I have received a notice of question of privilege dated 27th February 2003, from Shri Lal Muni Chaubey, against the Senior Superintendent of Police, Kaimur, Bihar for allegedly obstructing him from attending the sitting of the House.

I have already called for the facts from the State Government of Bihar which are yet to be received. Two reminders have already been issued to them. When you had raised the matter in the House on 3rd and 6th March 2003, I had assured you that if facts are not received from the State Government by Monday, I would allow you to raise the matter in the House. You may now raise the matter. The State Government would be requested to expedite the factual report within a week’s time failing which, I will consider to refer the matter to the Committee of Privileges for examination, investigation and report.

श्री लाल मुनी चौबे

(बक्सर) : अध्यक्ष महोदय, मैं २० फरवरी को लोक सभा की कार्यवाही में सम्मिलित होने के लिए आ रहा था। कैमूर जिले के पुलिस अधिकारियों की मनमानी का शिकार हो जाने के कारण मैं बाबरपुर से हवाई जहाज नहीं पकड़ सका और मैं समय पर दिल्ली नहीं पहुंच सका। मुझे सम्पूर्ण क्रान्ति से दिल्ली आना पड़ा। इसलिए मैं २० फरवरी को लोक सभा में उपस्थित होने से वंचित रह गया।

महोदय, घटना इस प्रकार है कि मैं कैमूर जिले का रहने वाला हूं। एक सामाजिक दायित्व निर्वाह करने के लिए मैं वहां गया था। उसमें शरीक हो कर मैंने सोचा था कि मैं भगुवा से बाबरपुर पहुंच कर जहाज पकडूंगा। वहां से जहाज ३.०० बजे रवाना होता है। मैंने अपने लिए १०.०० बजे गाड़ी मंगाई थी। मेरे लिए जो युवक गाड़ी लेकर आ रहे थे, उस गाड़ी को चैनपुर थाने के सामने थानेदार की गाड़ी ने रोका और मेरी गाड़ी के आगे अत्यन्त धीमी गति से जीप चलाकर बहुत देर कर दी। जब उन्हें बताया गया कि यह गाड़ी लाल मुनि चौबे, एम.पी. को जहाज पकड़वाने के लिए ले जाई जा रही है, तो थानेदार ने अभद्रतापूर्वक आचरण किया और वह जोर-जोर से बोलने लगा कि चाहे एम.पी. हो या राष्ट्रपति, पुलिस की गाड़ी ऐसे ही चलती है। इस प्रकार से उसने केवल मेरी गाड़ी को ही नहीं रोका बल्कि मुझे लोक सभा में आने से रोका क्योंकि मैं भगुवा से २.०० बजे के बाद ही निकल सका।

महोदय, मुझे संदेह है कि यह अभद्र व्यवहार कैमूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यानी पुलिस अधीक्षक के संकेत पर थानेदार अजय प्रताप सिंह ने किया था जिससे मैं लोक सभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सका।

महोदय, मैं इस घटना को सम्मानित सदन में उठाने और विशेषाधिकार समति को सौंपने की आपसे अनुमति चाहता हूं क्योंकि मैं महसूस कर रहा हूं कि मुझे पुलिस ने सदन में आने से जबरन रोका है।

अध्यक्ष महोदय, यह घटना ४-५ महीने पुरानी है और मैं आदतन अपनी किसी बात को छुपाता नहीं हूं। भभुहा में एक मीटिंग थी। एक युवक को जो वकील था, घर में घुसते समय मारा गया। वह समता पार्टी का कार्यकर्ता था। बड़ी भारी मीटिंग भभुहा में हुई। उसमें ८०-८५ हजार आदमी उपस्थित थे।

वहां पर मैंने सीधी-सीधी बात कही कि यहां की पुलिस का रवैया ऐसा है और यहां के प्रशासक ऐसा करते हैं और ऐसे ही विकास हुआ, तो जॉर्ज साहब आप और नीतीश कुमार जी, ऐसे ही आंकड़े और डाटा लिए गए, तो इस देश का विकास नहीं हो सकता है। मेरी इस बात को सुनकर उपस्थित जनसमूह ने बहुत तालियां बजाईं क्योंकि मैंने सच बात कही थी, लेकिन अधिकारियों को बहुत गुस्सा आया। मुझे इसकी चिन्ता नहीं थी। उस समय मैंने सोचा भी नहीं था कि इसके क्या परिणाम होंगे। जब यह घटना हुई, तो मुझे मालूम हुआ कि पुलिस द्वारा मेरी कार को एक बार पीछे से धक्का भी मारा गया।

महोदय, मैं १९७२ से विधायक था और एक बार के अतरिक्त कभी नहीं हारा और मैं सदन में हमेशा हाजिर हुआ। मैंने कभी ऐसी चीजों का, जो क्राइम या क्रमिनलों से संबंधित हों, उनका कभी समर्थन नहीं किया। पुलिस ने मेरी गाड़ी में धक्का मारा। दूसरी बार मुझे थाने बुलाया गया और पूछा गया कि गाड़ी में काला शीशा क्यों लगा है।

काले शीशों को उतारा जाए। वहां जो लड़के थे उनमें मेरा बेटा भी था। उसने कहा कि सबकी गाड़ी के उतरवा लिए, तो उसने कहा कि सब की गाड़ी के नहीं, मैं तुम्हें जो कह रहा हूं वह तुम करो। तब उसने कहा कि ठीक है मैं उतरवा दूंगा। जब मैंने गाड़ी मांगी तो गाड़ी मांगने पर देर हुई और मैं वहां पटेल चौराहे पर आ गया। मैं देख रहा था कि अगर मेरी गाड़ी नहीं आई तो ट्रेन छूट जाएगी।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपने घटना सदन में बताई है और मैंने उस पर अपना निर्णय दिया है। अगर एक हफ्ते के अंदर उनका उत्तर नहीं आया तो मैं यह सारा मामला प्रविलेज कमेटी को भेज सकता हूं और आप उनके सामने सारी बात रख सकते हैं।

श्री लाल मुनी चौबे: अध्यक्ष महोदय, मेरी बात एक मिनट सुन लीजिए। उसने कहा कि आप एसपी के यहां चलिए तो मैंने कहा कि नहीं, मेरी गाड़ी छूट जाएगी। मैं २१ तारीख को शुक्रवार को दिल्ली से आऊंगा और २२ तारीख को एसपी से मिल लूंगा, आप इस समय मुझे छोड़ दीजिए। हम जब वहां से आए तो उस समय ट्रेन मिलने का सवाल ही नहीं था, क्योंकि साढ़े पांच बज चुके थे। मैं संपूर्ण क्रांति पकड़ कर यहां आया। मैं २१ तारीख को वहां पहुंचा, उस दिन शुक्रवार था और २२ तारीख को मैं एसपी के पास गया। एसपी वहां नहीं थे, वे तीन दिन की छुट्टी पर गए हुए थे। मुनिलाल जी, जो सासाराम संसदीय क्षेत्र से एमपी हैं, उनसे मैंने कहा कि आप एसपी साहब से पूछिए कि क्या बात है। उन्होंने पूछा कि वे कहां गए हैं तो उन्होंने कहा कि केन्नूर में गए हैं। अधौरा में वारंट लेकर गए हैं, कोई सामान सीज़ करना है या नक्सलवादियों को घेरने के लिए गए हैं। मैंने तीन बार पूछा कि क्या बात है।…( व्यवधान)आप साफ-साफ बताइए तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं है, आपको जो कुछ करना है, करिए। हमने कहा कि यह आपका जवाब है तो उन्होंने कहा कि हां, यही मेरा जवाब है। आपको जो कुछ करना है, आप कीजिए।…( व्यवधान)

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MR. SPEAKER: Shrimati Renu Kumari is not present in the House. Therefore, I will take her subject tomorrow.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please listen to me.

… (Interruptions)

कुमारी उमा भारती (भोपाल) :अध्यक्ष महोदय, मध्य प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हुई है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप पहले मेरी पूरी बात सुन लीजिए। आपका जब नम्बर आएगा तो आपको बोलने की इजाजत मिलेगी, लेकिन अभी कैसे मिल सकती है।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : मैं आपको बोलने की इजाजत दूंगा, लेकिन प्रोसिज़र के मुताबिक दूंगा।

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली): महोदय, आप उमा भारती जी की बात दो मिनट सुन लीजिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं दो मिनट देने को तैयार हूं, लेकिन अभी नहीं दे सकता।

…( व्यवधान)अध्यक्ष महोदय : उमा भारती जी, आप मध्य प्रदेश के बारे में यहां बोलना चाहती हूं, मैं आपको इजाजत दूंगा। आप जानती हैं कि यहां का जो प्रोसिज़र है, मैं उसके मुताबिक चल रहा हूं। आपको थोड़े समय के लिए रुकना पड़ेगा।

कुमारी उमा भारती: अध्यक्ष महोदय, आज स्थिति ऐसी है, मैं जो बात कहना चाहती हूं, उसके लिए आप प्रोसिजर को सस्पैंड करके मेरा निवेदन सुन लीजिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप जानती हैं कि मैं आपको परमीशन देने वाला हूं, लेकिन
आज मेरे सामने जो बिजनेस है, इस समय अगर आप कोआपरेट करेंगी तो बाद में आपका विषय आ सकता है और उस समय आप बोल सकती हैं।

…कुमारी उमा भारती:अध्यक्ष जी, चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की धांधली को लेकर राज्य की सरकार को निर्देश दिया है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मैं हरेक को परमीशन दूंगा। मैं आपको भी परमीशन देने वाला हूं।

कुमारी उमा भारती: महोदय, यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण विषय है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : अभीआप बैठ जाइए, मैं दस-१५ मिनट बाद आपको परमीशन दे सकता हूं।, कृपया आप बैठ जाइए।

MR. SPEAKER: Now, Shri Ramji Lal Suman.,

योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : अध्यक्ष महोदय, सदन में कितनी बार एक सदस्य एडजर्नमेंट मोशन दे सकता है। प्रतदिन इस प्रकार का मोशन देकर अन्य सदस्यों के कार्यों को बाधित करने का प्रयास किया जाता है।

बार-बार इनकी तरफ से एक ही प्रस्ताव आता है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : उन्हें हर रोज एक नोटिस देने का अधिकार है। अगर आप नियम बदलने के लिए कहेंगे तो ठीक होगा। आप नियम बदलने के लिए नोटिस दे दो।

: देश के वभिन्न भागों में राष्ट्रीय झंडे का अपमान किया जा रहा है, महत्वपूर्ण नोटिस मैंने भी दे रखी है। पूरे देश के अन्दर राष्ट्रीय झंडे का अपमान किया जा रहा है, इसलिए हमें मौका पहले दिया जाये। लोक सभा ने यहां पर विधेयक पारित किया है कि राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों को एक वर्ष की सजा होगी, लेकिन कई स्थानों पर अपमान हो रहा है।…( )

Whatever he is saying now should not go on record. I have received a proper notice from Shri Ramji Lal Suman and, therefore, his issue will be taken up now.

MR. SPEAKER: Please keep quiet.