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Need To Consider People Belonging To Bairwa And Balai Castes Of Delhi … on 3 March, 2011

Lok Sabha Debates
Need To Consider People Belonging To Bairwa And Balai Castes Of Delhi … on 3 March, 2011


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Title: Need to consider people belonging to Bairwa and Balai Castes of Delhi as a single caste and include it in the list of Scheduled Caste.

 

श्री खिलाड़ी लाल बैरवा (करौली धौलपुर)ः मैं आपका ध्यान राजस्थान के प्रवासी बैरवा समाज की ओर दिलाना चाहता हूं जो वर्तमान में दिल्ली में लगभग 17 लाख की आबादी के साथ निवास करती है।  राजस्थान में जाति परिवर्तन से पूर्व यह जाति अन्य नाम से अनुसूचित जाति की श्रेणी में आती थी परन्तु सन् 1956 में बैरवा जाति को भारतीय संविधान में राजस्थान में एक अलग जाति की मान्यता दी गयी फिर उसे अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त हुआ।

          राजधानी दिल्ली में बैरवा जाति का अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) का दर्जा दिया हुआ है जबकि बैरवा जाति के लोगों ने इसे स्वीकार नहीं किया और जाति परिवर्तन से पूर्व नाम “बलाई ” से ही वह आज तक अनुसूचित जाति की सुविधा प्राप्त कर रहा है।  यह मांग दिल्ली सरकार तथा भारत सरकार से पिछले तीन दशक से बैरवा समाज के लोग करते आ रहे हैं, परन्तु सरकारी तकनीकी कारण से एक जाति दो नामों से दिल्ली में जानी जाती है। जाति परिवर्तन के पश्चात् बैरवा समाज के लोग अपने आपको बैरवा कहलाने लगे परन्तु सरकारी रिकार्ड में आज भी एक नाम “बलाई ” है तथा दूसरा नाम “बैरवा ” है।  एक नाम से वह अनुसूचित जाति के रूप में जाना जाता है दूसरे नाम से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) के रूप में जाना जाता है।

          अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए बलाई/बैरवा को एक ही श्रेणी अनुसूचित जाति के रूप में सम्मिलित कराने की कृपा करें ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।