Judgements

Regarding Economic Package To Bihar. on 13 March, 2003

Lok Sabha Debates
Regarding Economic Package To Bihar. on 13 March, 2003


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Title: Regarding economic package to Bihar.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह

(वैशाली): उपाध्यक्ष महदोय, बिहार के बंटवारे का तीसरा साल बीत रहा है। बंटवारे के समय कहा गया था कि बंटवारे से जो कमी होगी, आर्थिक क्षति होगी, उसकी भरपाई के लिए बिहार राज्य को आर्थिक पैकेज दिया जाएगा। लेकिन भारत सरकार आर्थिक पैकेज देने के मामले में बिहार की उपेक्षा कर रही है। उपेक्षा ही नहीं, दुश्मन की तरह व्यवहार कर रही है। वहां की दस करोड़ की आबादी कोई समस्या हल नहीं की जा रही है। वहां की जनता बाढ़ से, सुखाड़ से, जल जमाव से त्रस्त है। जैसा अभी देवेन्द्र प्रसाद जी ने बताया कि ठंड से भी लोग पीड़ित हैं। हम लोगों ने प्रधान मंत्री जी को इस बाबत एक ज्ञापन दिया था, लेकिन उस अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। बिजली की ट्रांसमिशन लाइनें मंजूर हैं, लेकिन भारत सरकार ने उस पर भी रोक लगाई हुई है। बिहार से केन्द्र में १२ मंत्री हैं, जो सिर्फ सरकार की नौकरी कर रहे हैं, बिहार के हितों की रक्षा नहीं कर रहे हैं। वहां से इनके ४० के करीब सांसद हैं, लेकिन आर्थिक पैकेज और पंचायत राज का ४०० करोड़ रुपया, जिसकी अनुशंसा दसवें वित्त आयोग ने भी की है, बकाया है। इसके अलावा सेंट्रर से प्रायोजित योजनाओं का पैसा भी हमें नहीं मिल रहा है। इसके अलावा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा भी नहीं दिया जा रहा है। इन मांगों को पूरा कराने के लिए हम लोगों ने एक मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है ओर बिहार की जनता की तरफ से एक विशाल रैली का आयोजन किया गया है। हम इससे भारत सरकार को हिला देंगे। भारत सरकार इस सवाल पर निरुत्तर क्यों है, उसको इसका जवाब देना चाहिए। यहां मंत्री जी बैठे हुए हैं और गोबर गणेश की तरह बैठकर टुकर-टुकर देख रहे हैं। हमें बताया जाए कि बिहार को आर्थिक पैकेज कब मिलेगा, कैसे मिलेगा, क्योंकि गृह मंत्री जी ने भी कहा था। हम यह सवाल तब तक उठाते रहेंगे, जब तक हमें हमारा हक नहीं मिलता। अगर नहीं मिलेगा तो हम इनको हटा देंगे। बिहार के हकूक के लिए हम लड़ाई जारी रखेंगे।

MR. DEPUTY-SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 2 p.m.

13.33 hrs.

The Lok Sabha then adjourned till Fourteen of the Clock.

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