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Title: Need to provide funds for Indira Sagar Gosikhurd Irrigation
Project in Maharashtra.
श्री हंसराज गं. अहीर (चन्द्रपुर) : महोदय देश के अधिकतर किसान वर्षा जल पर आधारित कृषि कार्य करते हैं। देश में असिंचित भूमि को सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपने वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण सिंचाई हेतु परियोजनाएं लागू न हो पाने से स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है। देश के जनजातीय और वनक्षेत्रों में रहने वाले किसानों की स्थिति बदतर हो गई है। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किया गया वन संवर्धन कानून, 1980 तथा संशोधन 1982 के कारण इन क्षेत्रों में सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु राज्य सरकारों को परियोजना के कुल लागत मूल्य की राशि के साथ वनक्षेत्रों के कटाई के एवज में केन्द्र सरकार के पास निवल वर्तमान मूल्य (एन पी वी) भरना पड़ता है। ऐसा देखने में आया है कि कभी कभी तो सिंचाई परियोजना के कुल लागत मूल्य से चार गुणा अधिक निवल वर्तमान मूल्य केन्द्र सरकार के पास जमा करना पड़ता है। राज्य सरकार अपनी वित्तीय क्षमता को देखते हुए वन क्षेत्रों तथा जनजातीय क्षेत्रों में सिंचाई परियोजना का निर्माण नहीं करा पा रही है। इसके कारण इन क्षेत्रों के लोगों को सिंचाई का कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। फलस्वरूप यहां के किसानों में कुपोषण, भुखमरी, दिखाई दे रही है।
हमारे यहां पिछले 23-24 वर्षों से इंदिरा सागर, गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसका संज्ञान लेकर हमने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर केन्द्र सरकार से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया, परन्तु सरकार द्वारा इसे स्वीकृति देकर इसको राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना में समावेश किया गया लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता नहीं दी गई। उक्त परियोजना का तत्काल निर्माण सुनिश्चित कर इससे किसानों को सिंचाई का लाभ दिलाने के लिए केन्द्र सरकार को तत्काल भारी वित्तीय सहायता उपलबध कराने की आवश्यकता है।
मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि वनक्षेत्र में रहने वाले किसानों के लिए निर्माणाधीन सिंचाई परियोजना के लिए निवल वर्तमान मूल्य (एन वी पी) में रियायत दें तथा विदर्भ के वनक्षेत्र की गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना का अविलंब निर्माण होने के लिए लगातार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराये।