Title : Need to develop various historical sites as tourism spots in Madhya Pradesh.
श्री वीरेन्द्र कुमार (सागर) : àÉÉxÉxÉÉÒªÉ ºÉ£ÉÉ{ÉÉÊiÉ VÉÉÒ, càÉÉ®ä nä¶É BÉEä àÉvªÉ |Énä¶É, àÉcÉ®É]Å +ÉÉè® ®ÉVɺlÉÉxÉ àÉå {ɪÉÇ]xÉ BÉEÉÒ +É{ÉÉ® ºÉÆ£ÉÉ´ÉxÉÉAÆ ÉÊ´ÉtÉàÉÉxÉ cé* àÉvªÉ |Énä¶É àÉå JÉVÉÖ®ÉcÉä, {ÉSÉàÉfÃÉÒ, àÉÉÆbÚ, £ÉÉÒàÉ´ÉänBÉEÉ, भीमड़ी का भोजपुर का मंदिर दर्शनीय स्थल हैं। इसके साथ-साथ भेड़ाघाट का जलप्रपात, कान्हा किसली का अभयारण्य, चित्रकूट दर्शनीय स्थल हैं। सिंघौरगढ़ का किला गोंडवाना साम्राजाय की रानी दुर्गावती के कारण जाना जाता है। रामगढ़ का किला रानी अवंतीबाई के कारण जाना जाता है। इन वीरांगनाओं ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध अपनी द्ृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतरिक्त राहतगढ़, मदनमहल और रायसेन मध्य प्रदेश के ऐसे प्राचीन दुर्ग हैं जो ऐतिहासिक और पुरातात्विक द्ृष्टि से जाने जाते हैं। महाराष्ट्र में शिवनेरी का दुर्ग जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था, रायगढ़ का किला जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था और सिंधुगढ़ दुर्ग जो समुद्र के किनारे बना हुआ था, विदेशी आक्रमणकारियों से देश की रक्षा करने के लिए उसका निर्माण किया गया था।
मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि ये स्थान ऐतिहासिक और पुरातात्विक द्ृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ साथ राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जैसलमेर का किला, उदयपुर, जयपुर और पुष्कर धार्मिक द्ृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण स्थल हैं। हमारे देश के इन धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक द्ृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित करके पर्यटन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है, जैसे आस्ट्रेलिया और मलेशिया आज पर्यटन देशों के रूप में जाने जाते हैं।
हमारे देश के मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान आदि राज्यों के इन स्थलों को विकसित करके और इन राज्यों की पर्यटन केन्द्र के रूप में पहचान बनाई जाए, जिससे सारी दुनिया हमारे देश के प्राचीन अध्यात्म, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्व को जान सके।