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Need To Implement Gurnam Singh Commission Report For Inclusion Of … on 19 February, 2009

Lok Sabha Debates
Need To Implement Gurnam Singh Commission Report For Inclusion Of … on 19 February, 2009


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Title: Need to implement Gurnam Singh Commission Report for inclusion of Jats, Tyagi’s etc. in the list of OBCs.

श्री किशन सिंह सांगवान (सोनीपत) : सभापति महोदय, पिछले कई वर्षों से पूरे देश में और विशेष तौर पर हरियाणा में भी जाट आरक्षण संघर्ष समिति का आंदोलन चल रहा है। तीन-चार दिन पहले भी हजारों लोगों ने संसद पर धरना प्रदर्शन किया था। सामाजिक तौर पर, आर्थिक तौर पर और शैक्षणिक तौर पर जाट समाज आज बहुत पिछड़ गया है। जब देश आजाद हुआ, उसके बाद सामाजिक तौर पर और आर्थिक तौर पर पीड़ित अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को आरक्षण दिया गया। यह तय किया गया कि अगले दस वर्ष में बाकी समाज के जो गरीब वर्ग हैं।

MR. CHAIRMAN : Everybody is making a speech as if mentioning the issue is not enough.  Please conclude.

श्री किशन सिंह सांगवान   : महोदय, मैंने अभी अपना भाषण शुरू किया है, अभी ही कैसे समाप्त कर दूं।

MR. CHAIRMAN: Please conclude.

श्री किशन सिंह सांगवान   : दस वर्ष का समय तय किया गया था कि समाज की जो अन्य जातियां हैं, उनका भी सर्वे करवा कर, उनका जो अधिकार है, उन्हें मिलेगा। इसके लिए वर्ष 1953 में केलकर कमिशन बनाया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट पेश नहीं हुई। उसके बाद दूसरा कमिशन मंडल आयोग के नाम से बनाया गया, उसने भी सारे देश की सभी जातियों का सर्वे किया।[I104]    इनमें कुछ जातियां चिह्नित की गई जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ी हुई हैं। लेकिन जाट जाति को इसमें कवर नहीं किया गया। देश में जितने भी किसान, सैनी, अहीर, यादव आदि हैं।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN : Please conclude.  It is very late.  You are making a speech.

श्री किशन सिंह सांगवान : ये मेरे ऊपर ही लागू क्यों हैं? मैं दो मिनट का समय लूंगा। आपने क्यों टाइम लिया था?…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: You mention the issue.

श्री किशन सिंह सांगवान : मैं इश्यू के बारे में ही कह रहा हूं।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: Need to implement Gurnam Singh Commission Report, that is the only issue.  You are making a speech.

श्री किशन सिंह सांगवान : किसान, जाट खेती करता है, वह सबसे ज्यादा स्वाभिमानी है, देशभक्त है, मेहनती है लेकिन बार-बार कमीशनों में इसे आरक्षण से वंचित रखा है। हरियाणा में गुरुनाम सिंह आयोग में दस जातियों को आरक्षण की सुविधा देने की रिपोर्ट दी थी जिसमें जाट समाज शामिल था। लेकिन वहां भी उनको इग्नोर किया गया। मेरा आपसे कहना है कि जाट जाति किसान है। 90 परसेंट लोग खेती करते हैं। सारे देश में राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तरांचल में स्टेट लैवल पर आरक्षण मिला है।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: This is a matter for Budget speech. You can speak this in the Budget discussion, not by Special Mention.

श्री किशन सिंह सांगवान :यह बजट स्पीच नहीं है, यह स्पेशल इश्यू है। यह रिजर्वेशन पॉलिसी के बारे में है।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN:  It is a matter to be mentioned in the Budget discussion.  It is not a Special Mention.

श्री किशन सिंह सांगवान : यह सारे समाज का इश्यू है। …( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: You complete; I will remain here in this Chair till 4 o’clock.

श्री किशन सिंह सांगवान : उसे उसके अधिकारों से वंचित किया है।  हम आपके माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि जाट समाज को केंद्र और राज्यों में नौकरियों और दाखिलों में आरक्षण दिया जाए।