Judgements

Need To Implement The Minimum Support Price As Fixed By The Central … on 27 February, 2003

Lok Sabha Debates
Need To Implement The Minimum Support Price As Fixed By The Central … on 27 February, 2003


font>

12.42 hrs.

Title: Need to implement the Minimum Support Price as fixed by the Central Government and to pay the amount due to the sugarcane-growers in Uttar Pradesh.

श्री राम विलास पासवान

:आप सुनिये।…( व्यवधान)आप बिहार की बात बोलिये। आपको बोलने के लिए कौन रोक रहा है। …( व्यवधान)पिछले साल १४८ करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। सरकार द्वारा गन्ने का ९५ रुपये या १०० रुपये प्रति क्िंवटल का मूल्य देने के लिए घोषणा की गयी थी लेकिन चार महीने बीत गये हैं, अभी तक उसकी पैमेंट नहीं हुई। जबरदस्ती किसान के खाते में ८१ रुपये प्रति क्िंवटल के हिसाब से गन्ने की बेच दिखाई जा रही है। आलू के भाव भी गिर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की सरकार किसानों के खिलाफ धारा ३०७ और दूसरे मुकदमे चलाकर उनकी कुर्की-जब्ती कर रही है। हजारों किसासन जेल में बंद हैं। किसान धरने पर बैठे हैं। उनकी गिरफ्तारियांयों हो रही हैं। हम आपसे आग्रह करना चाहते हैं कि आप किसानों के रक्षक हैं। इस सदन में इस सवाल पर बहुत बार चर्चा हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की सरकार जो भी दूसरे काम कर रही है, मैं उस संबंध में नहीं कहना चाहता लेकिन किसानों का जो मामला है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश की सरकार जान-बूझकर किसानों के साथ कंफ्रन्ट्रेशन का रास्ता अपना रही है।

मैं कहना चाहता हूं कि भारत सरकार ने गन्ने के मूल्य की जो घोषणा की है, वही मूल्य किसानों को दिया जाये और उत्तर प्रदेश की सरकार को बर्खास्त किया जाये क्योंकि उत्तर प्रदेश की सरकार किसान विरोधी है। हर फ्रट पर वह फेल्योर है। उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पोटाआदि हर इश्यू को करके अब यह किसानों के ऊपर पड़ गयी है। किसी भी समय वहां गोली चल सकती है। वहां लोग मुजफ्फरपुर को घेरे हुए हैं। हर पार्टी का नेता वहां है। इसलिए हम आपसे आग्रह करना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त किया जाये।…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव :अध्यक्ष महोदय, माननीय राम विलास पासवान जी ने किसानों की लूट से संबधित बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : मुलायम सिंह जी, आप दो मिनट में बोलिये।

…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव

:आज देश के किसानों की हालत बहुत खराब हो गयी है, उसके बाद भी सरकार किसानों की बात नहीं कर रही है। गन्ना भुगतान मांगने पर किसानों पर गोली चलाना, पिटाई करना तथा गिरफ्तारियां करने का मामला गंभीर अत्याचारपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में किसानों के गन्ने का पैसा बकाया है। इसकी मांग करने पर किसानों को जेल में बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ इतना आतंक फैला दिया गया है कि सरकार के खिलाफ जो भी किसान बोलेगा, उसके विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज हो जायेंगे। मुजफ्फरपुर में किसानों का धरना हो रहा है। इसी तरह खलीलाबाद में भी यही हालत है। यह बहुत गंभीर मामला है और अध्यक्ष महोदय में इसे आपकी जानकारी में लाना चाहता हूँ ।

खलीलाबाद में एक ऐसा चीनी मिल मालिक है जिसके ऊपर वभिन्न संस्थाओ का ३२ करोड़ रुपये का सरकार का कर्जा बकाया है। २७ करोड़ रुपया उसने चीनी मिल को अपग्रेड करने के लिए, उसकी क्षमता बढ़ाने के लिए लिया था। लेकिन पुराने पुर्जों को डालकर उसी चीनी मिल को अपग्रेड करना दिखा दिया गया और २७ करोड़ रुपये का उसने गबन किया। उसकी कोई जांच-पड़ताल नहीं हुई। इसी तरह से जब आंदोलन हुआ तो उस चीनी मिल मालिक को गिरफ्तार करके कोतवाली में एक रात रखा गया लेकिन रात भर में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर उसकी जमानत करवा दी। अब उस पर ३२ करोड़ रुपये का सरकारी कर्जा है और ५३ करोड़ रुपया और उत्तर प्रदेश की सरकार उसको दे रही है इस भ्रष्ट्राचार में बड़े-बड़े अधिकारी मिले हुए हैं, मंत्री और मुख्य मंत्री भी मिले हुए हैं। ५३ करोड़ रुपया और उस मिल मालिक को दिया जा रहा है जबकि पहले का ३२ करोड़ रुपया उस पर सरकारी कर्जा है। मेरे पास सबूतों की पूरी फाइल है। हम आपके कार्यालय में दे देंगे।…( व्यवधान)यह हालत है, इसलिए सरकार उस चीनी मिल को अपने हाथों में ले और यदि बेचनी पड़े तो सरकार बेचे लेकिन किसानों का ५.५ करोड़ रुपया है और ६.५ करोड़ रुपया मजूदरों का बकाया है, तथा ३२ करोड़ रुपया सरकारी कर्जा है इसका भुगतान सुनिश्चित कराएं । ५३ करोड़ रुपया और देने की फाइल बाकायदा स्वीकृति हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के पास है । किसी भी दिन मुख्य मंत्री स्वीकृति हेतु दस्तखत करने वाली है। उत्तर प्रेश में लूटपाट की यह हालत हो रही है। इस प्रकरण की हम आपको पत्रावली भी दे देंगे और आपसे निवेदन है कि आप स्वयं इस मामले में जानकारी हासिल करें तथा इसमें हस्तक्षेप करें। यह हालत उत्तर प्रदेश के किसानों की है और खलीलाबाद के चीनी मिल मालिक की यह जानकारी हम आपको दे रहे हैं कि ३२ करोड़ रुपया सरकारी कर्जा है और ५३ करोड़ रुपया उसको सरकार की ओर से और दिया जा रहा है।…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा

(गोपालगंज):यही स्थिति बिहार के गन्ना किसानों की है कि जो दाम भारत सरकार ने तय किए थे, वह दाम भी वहां के किसानों को नहीं मिल रहा है। मिल मालिक जानबूझकर किसानों के जन-जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।…( व्यवधान)हमारे गोपालगंज जिले में भी यही स्थिति है।…( व्यवधान)

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली):अध्यक्ष जी, किसान का सवाल है और सरकार मौन बैठी हुई है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : रघुवंश जी, आप बैठिए।

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह : सरकार सुन नहीं रही है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shrimati Sushma Swaraj, both Shri Mulayam Singh Yadav and Shri Ram Vilas Paswan have raised an important issue about the farmers in Uttar Pradesh. Would you like to take the matter to the concerned Minister? He may reply whenever he wants.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री (श्रीमती सुषमा स्वराज) : अध्यक्ष जी, वैसे तो यह राज्य से संबंधित मसला है और राज्य विधान सभा का जब अधिवेशन होता है तो इन विषयों को यहां कभी नहीं लेते हैं। राज्य विधान सभा में लेते हैं लेकिन जिस तरह का आदेश पीठ से होगा, उसका तो निश्चित तौर पर पालन होगा।…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव :पेपर्स दिये जा रहे हैं। ५३ करोड़ रुपया और दिया जा रहा है और ३२ करोड़ रुपया उस पर सरकारी कर्जा है, मुकदमा दर्ज है,…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Ram Vilas Paswan, she is going to take up the matter. She may inform the concerned Minister that this issue was raised in the House.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: You have only to bring it to the notice of the Minister.

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव

(झंझारपुर) :अध्यक्ष जी, गन्ने का जो न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत सरकार औऱ प्रधान मंत्री द्वारा तय किया गया है, वह भी गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा है। जो चीनी मिल मालिक हैं, उनके द्वारा किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह बहुत गंभीर स्थिति है।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Shri Ram Vilas Paswan, I have already told.

… (Interruptions)

श्रीमती सुषमा स्वराज :अध्यक्ष जी, आपने पीठ से जो आदेश दिया है, मैं इस मामले की जानकारी मंत्री जी को दे दूंगी और सदस्यों की भावना से भी उनको अवगत करा दूंगी।

———————–

?