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Title: Need to accord approval for desilting and renovation of Gandak canal in Uttar Pradesh-laid.
श्री हर्ष वर्धन (महाराजगंज, उ.प्र.): महोदय, नेपाल एवं बिहार के कुछ अंश में गंडक नदी पर बनाए गए बैराज पर मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के शीर्ष पर नहर का डिस्चार्ज 18800 क्यूसेक है । नेपाल में 18.9 कि.मी. की दूरी से होकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश के समय नहर का डिस्चार्ज 15800 क्यूसेक है, जिसमें उ0प्र0 का अंश 7300 क्यूसेक एवं बिहार का अंश 8500 क्यूसेक है । उ0प्र0 में 131.400 किलोमीटर की दूरी तय कर यह नहर बिहार में प्रवेश करती है ।
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर एवं देवरिया में यह नहर सिंचाई का मुख्य साधनहै । उ0प्र0 के 112.550 किलोमीटर क्षेत्र में इस नहर में 361.373 कि0मी0 शाखाएं,1306 कि0मी0 राजवाहें एवे 1535.993 कि0मी0 अल्पिकायें हैं । वर्तमान में सिल्ट की अत्यधिक मात्रा जम जाने के कारण पानी का वास्तविक डिस्चार्ज परिकल्पित डिसचार्ज की अपेक्षा लगभग 50 प्रतिशत कम हो गया है । फलस्वरूप सृजित सिंचन क्षमता333.011 हजार हेक्टेयर के सापेक्ष 1994-95 में 254.00, 2007-08 में घटकर 137.648 हजार हेक्टेयर हो गयी एवं 2008-09तथा वर्तमान 2009-10 में और भी कम हो गयी है।सिल्ट की अत्यधिक मात्रा तथा नहरों पर स्थित रेगुलेटर्स एवं गेट क्षतिग्रस्त हैं एवं नहर की लाइनिंग अधिकांश स्थानों पर टूट गयी हे जिससे यह नहर असुरक्षित भी हो गयी है ।
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की क्षमता पुर्नस्थापना परियोजना वर्तमान में केन्द्रीय जल आयोग के समक्ष लंबित है । इस पर आवश्यक कार्यवाही की तत्काल आवश्यकता है ताकि यह प्रणाली अपनी परिकल्पित क्षमता से कार्य कर सके ।