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Title: Need to lift ban on the production of ‘Lakhodi’ pulse in Maharashtra.
श्री तुकाराम गणपतराव रेंगे पाटील (परभनी): अध्यक्ष महोदय, 1961 में महाराष्ट्र में उत्पादित होने वाली लाखोडी दाल एवं इससे उत्पादित वस्तुओं पर बिना किसी अनुसंधान के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया था जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। यह प्रतिबंध केवल किताओं की वजह से लगया गया था। केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को इस लाखोडी दाल पर लगे प्रतिबंध हटाने का अधिकार दिया था, परन्तु इस प्रतिबंध को अभी तक नहीं हटाया है। इस संबंध में महाराष्ट्र में अनशन हुए हैं। लाखोडी दाल के उत्पादन से किसानों को प्रति हैक्टेयर 14 हजार 7 सौ रूपए का फायदा होगा। यह चने एवं गेहूं से अधिक फायदा वाली फसल है। किसानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से देखा जाये तो लाखोडी दाल की फसल किसानों के लिए सबसे अच्छी फसल है। लाखोडी दाल से क्या नुकसान है इस पर जो अध्ययन किया गया है वह अभी तक नहीं पता लगा है।
सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध हे कि लाखोडी दाल पर लगे प्रतिबंध हटाया जाये।