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Title : The Minister of Railways made a statement regarding accident due to trapping of passengers of 3017 Up Howrah-Jamalpur Express under the debris of ‘Ultapul’ being dismantled near bhagalpur on 02.12.06. *h
MR. SPEAKER: Now, Shri Lalu Prasad.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Nothing else is being recorded.
(Interruptions)* …
MR. SPEAKER: It is an accident matter. I will hear you but at the proper time.
Shri Lalu Prasad.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: No cross-talks please.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: What is going on? A tragedy has taken place in this country. He is making a statement.
रेल मंत्री (श्री लालू प्रसाद): महोदय, मुझे सदन को यह सूचित करते हुए अत्यंत दु:ख हो रहा है कि दिनांक२.१२.२००६ को सुबह लगभग ७ बजकर ४५ मिनट पर जब ३०७१ अप हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस भागलपुर स्टेशन पहुंचने ही वाली थी कि उसी समय हटाए जा रहे “उल्टा पुल ” का मलवा अचानक गिरने से ट्रेन का एस-८ कोच मलवे के नीचे दब गया। अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार इस दुर्घटना में ३५ यात्रियों की मृत्यु हो गई, १२ यात्री गम्भीर रूप से घायल हो गए और ४ यात्रियों को साधारण चोटें आईं। घायल यात्रियों को भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में तुरंत भर्ती करा दिया गया।
* Not recorded
** Placed in Library, See No. LT 5132/2006.
घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया। महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे तथा मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अपने संबंधित अधिकारियों के साथ दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। दिल्ली से रेलवे बोर्ड के सदस्य, इंजीनियरिंग भी घटनास्थल पर पहुंचे।
[R1] रेल प्रबंधक अपने संबंधित अधिकारियों के साथ दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। दिल्ली से रेलवे बोर्ड के सदस्य, इंजीनियरिंग भी घटनास्थल पर पहुंचे।
महोदय, मैंने स्वयं भी घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया, घायलों एवं मृतकों के परिवारजनों से मुलाकात की तथा सभी आवश्यक उपचार व्यवस्था नि:शुल्क करने के निर्देश दिये। मानव त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए मैंने निर्णय लिया है कि मृत परिवार के निकट संबंधी को पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एक लाख रुपये और साधारण रूप से घायल यात्रियों को पच्चीस हजार रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाएगा। उक्त अनुग्रह राशि के अलावा मृतकों के आश्रितों एवं घायलों को रेल दावा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित चार लाख रुपये तक की राशि का मुआवजा भी अलग से देय होगा। इसके अतरिक्त प्रत्येक मृत यात्री के परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी भी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल ऐसे यात्रियों को जो पर्याप्त उपचार करने के बाद भी कार्य करने में सक्षम नहीं रहेंगे उन्हें स्वयं या उनके परिवार के एक सदस्य को भी रेलवे में नौकरी दी जाएगी।
सौ साल से अधिक पुराने इस पुल के स्थान पर एक नये आरओबी का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था। इसलिए इस पुराने पुल को तोड़कर वहां से हटाने का काम योजना के अनुसार पिछले एक सप्ताह पहले प्रारंभ किया गया था। इस दुर्घटना के दो दिन पूर्व ३० नवम्बर, २००६ को इस पुल का एक स्पैन गिराये जाने के बाद साथ वाला स्पैन ट्रैक पर अचानक गिरने की घटना हो चुकी थी। सौभाग्य से उस समय कोई गाड़ी पुल के नीचे से नहीं गुजर रही थी। फिर भी संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और पर्याप्त कदम न उठाने के फलस्वरूप उसी तरह का हादसा फिर हो गया जिसमें रेल यात्रियों की जान माल की हानि हुई। इस घटना के लिए प्रथमद्ृष्टया जिम्मेदार डिप्टी चीफ इंजीनियर, निर्माण, सहायक अभियंता, निर्माण और कनिष्ठ अभियंता, निर्माण को निलंबित कर दिया गया है एवं इस कार्य के ठेकेदार मैसर्स बिजोय कुमार इंटरप्राइजेज को ब्लैक-लिस्ट करने के आदेश जारी किये गये हैं। इस घटना के संबंध में उपर्युक्त इंजीनियर्स एवं ठेकेदारों के विरुद्ध स्टेशन मैनेजर, भागलपुर द्वारा स्थानीय जीआरपी थाना में आपराधिक मामले के संबंध में भी प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है। रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा इस दुर्घटना की वैधानिक जांच की जा रही है। सभी महाप्रबंधकों को इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्धारित व्यवस्था एवं प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए पर्याप्त सावधानियां बरतने के आदेश दे दिये गये हैं। इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री ने भी एक-एक लाख रुपये मृतकों के परिवार को देने की घोषणा की है। इसके लिए राज्य सरकार को भी हम धन्यवाद देते हैं।