>
Title: Need to sanction a Central project for checking water-logging
and for desiltation of rivers in Bihar particularly Chhapra and Siwan districts.
श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : महोदय, भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए कहा जाता है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, परन्तु लगातार होने वाले बाढ़ और सूखा की विभीषिका ने देश के किसानों की कमर तोड़ दी है। एक सौ करोड़ से ज्यादा की आबादी के लिए भोजन जुटाने वाले किसान की हालत सरकार की उपेक्षा के कारण खुद ही भूखा और फटेहाल है।
प्रतिवर्ष आने वाले बाढ़ से देश के अन्य भागों की तुलना में उत्तर बिहार सबसे अधिक प्रभावित होता है। इसका मुख्य कारण है जल-जमाव की समस्या। उत्तर बिहार का छपरा-सिवान जिला सरयू एवं नारायणी नदी से घिरा हुआ है साथ ही छोटी-छोटी नदियां भी सिवान-छपरा से होकर गुजरती हैं। छपरा सिवान जिला का महत्वपूर्ण हिस्सा जितना बाढ़ से प्रभावित होता है, उससे कहीं ज्यादा जल-जमाव से प्रभावित होता है। किसानों की हजारों एकड़ भूमि की फसल प्रतिवर्ष जल निकासी नहीं होने के कारण बर्बाद हो जाती है। अगर जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाए, तो प्रतिवर्ष बर्बाद हो रहे किसानों की फसल को बचाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि जिन-जिन भू-भाग में जल-जमाव की समस्या है, उन भू-भागों से पक्का पईन बनाकर उस पईन को नदी से जोड़ दिया जाए ताकि अत्यधिक पानी पईन के माध्यम से नदी में गिरता रहे और जल-जमाव न हो। छपरा जिला के माझी प्रखंड में धुरदेह चवर एवं बनियापुर प्रखंड में बहियरा चवर की जल निकासी, जलालपुर प्रखंड में तेल नदी की निकासी के साथ ही छोटी-छोटी नदियों में मिट्टी भर जाने के कारण पानी नदी से बाहर हो जाता है एवं बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिसके चलते किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है।
मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि उत्तर बिहार के छपरा एवं सिवान जिले में जल- जमाव की समस्या एवं छोटी-छोटी नदियों में मिट्टी जमाव से निजात दिलाने हेतु बिहार सरकार से प्रोजेक्ट मंगवाकर उसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए राशि आवंटित की जाए। धन्यवाद।
MR. CHAIRMAN: Shri Sanat Kumar Mandal – Not present.