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Need To Create A New State Of Vidarbha From Maharashtra. on 23 February, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Create A New State Of Vidarbha From Maharashtra. on 23 February, 2010


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Title : Need to create a new State of Vidarbha from Maharashtra.

श्री हंसराज गं. अहीर (चन्द्रपुर):    महोदय, संयुक्त महाराष्ट्र के गठन में विदर्भ शामिल होने के 50 वर्ष के बाद भी विदर्भ क्षेत्र अविकसित रहा है । प्रचुर मात्रा में खनन सामग्री, विपुल वन बारहमासी नदियां होने के बाद भी विदर्भ एक पिछड़ा क्षेत्र रह  गया है । 1962 में गठित फजल अली कमीशन ने पृथक विदर्भ की मांग का समर्थन किया था । विदर्भ के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विदर्भ वैधानिक विकास मंडल का गठन करने के बावजूद इसका समन्यायी आवंटन होने के कारण विदर्भ के विकास का अनुशेष  लगातार बढ़ रहा है ।  आज विदर्भ के किसान हताशा से आत्महत्या कर रहे हैं, विदर्भ आज किसान आत्महत्या प्रवण क्षेत्र के नाम से जाना जा रहा हे । विदर्भ, में कपास का उत्पादन होता है, लेकिन कपड़ा मिलें मुंबई और पश्चिम महाराष्ट्र में हैं ।  विदर्भ में आज 4300 मेगावाट बिजली उत्पादन होती है, लेकिन  विदर्भ के शहरों और गांवों में 12-16 घंटे बिजली नहीं रहती है । महाराष्ट्र में शामिल होते समय किये गये नागपुर करार का पालन नहीं हो रहा है ।  इससे विदर्भ की जनता में असंतोष पनप रहा है ।  विदर्भ की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर अब पृथक राज्य बनाने की मांग कर रही   है । विदर्भ को पृथक राज्य बनाने की मांग पिछले 50 वर्षों से लगातार उठ रही है । विदर्भ  पृथक राज्य बनने के बाद अपने बलबूते विकास करने में सक्षम है ।  पृथक विदर्भ के  समर्थन में जनांदोलन जारी है ।  केन्द्र सरकार ने पृथक तेलंगाना को स्वीकृति दी ।  इसके पड़ोस की विदर्भ की मांग भी पुरानी होने के कारण पृथक विदर्भ के गठन का रास्ता भी केन्द्र सरकार प्रशस्त करे । एनडीए सरकार के जमाने में जिस तरह झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड का गठन किया गया उसी तर्ज पर केन्द्र सरकार से मांग है कि पृथक विदर्भ का गठन करने के लिए केन्द्र सरकार तत्काल कार्रवाई करे ।