Judgements

Regarding Problems Being Faced By Blind People In The Country. on 17 August, 2005

Lok Sabha Debates
Regarding Problems Being Faced By Blind People In The Country. on 17 August, 2005

Title : Regarding problems being faced by blind people in the country.

श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल) : माननीय उपाध्यक्ष जी, आपने मुझे स्पेशल मेंशन के जरिए विकलांगों की समस्या को उठाने का मौका दिया, उसके लिए मैं आपका आभारी हूं। मैं केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री जी से कहना चाहता हूं कि नेशनल फैडरेशन आफ दि ब्लाइंड और आल इंडिया फैडरेशन आफ दि ब्लाइंड, इन दो संगठनों ने हाल ही में अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया तथा संसद मार्ग पर मार्च किया। उनकी मुख्य मांग यह थी कि विकलांगता कानून में परिवर्तन किया जाए। सरकार ने जो विकलांगों के लिए कानून बनाया है, उससे उनके हितों की रक्षा नहीं हो पा रही है। तमाम जगहों पर विकलांग आरक्षण को लागू तो किया गया है, लेकिन सही मानों में उन्हें वे सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। चाहे पक्ष में बैठे माननीय सदस्य हों या विपक्ष में बैठे माननीय सदस्य हों, सभी ने हमेशा इस बात की मांग की है कि जिस तरह से संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति तथा ओबीसी को आरक्षण की सुविधा मिली हुई है, उसी तरह से विकलांगों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और निजी क्षेत्र में भी उन्हें आरक्षण दिया जाए। अगर आप उन्हें यह हक देंगे, तो उनकी लम्बे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया जा सकेगा। ये लोग असहाय हैं, दया के पात्र हैं, हम लोगों के भरोसे हैं और मानवता के पात्र हैं। अगर हम उन्हें ये सुविधाएं दे सकें, तो यह सरकार पर भी बहुत उपकार होगा और मानवता पर भी उपकार होगा।

18.14 hrs

(Shri Varkala Radhakrishnan in the Chair)

मैं इन्हीं शब्दों के साथ सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री जी से मांग करता हूं कि वह इन बातों को गम्भीरता से लें, जिससे विकलांग, जो हमारे साथी हैं, उन्हें आरक्षण की सारी सुविधाएं मिल सकें।