Judgements

Regarding Situation In Jammu And Kashmir. on 2 August, 2010

Lok Sabha Debates
Regarding Situation In Jammu And Kashmir. on 2 August, 2010


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Title: Regarding situation in Jammu and Kashmir.

श्री लाल कृष्ण आडवाणी (गांधीनगर): अध्यक्ष महोदया,मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे दो शब्द कहने का अवसर दिया। मुझे खुशी है कि गृह मंत्री जी यहां उपस्थित हैं। देशभर में जो समाचार पिछले दो महीने से श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य भागों से आते रहे हैं, वे बहुत चिन्ता पैदा करते हैं और सरकार भी चिन्तित है। इसका प्रमाण यह है कि पिछले सप्ताह में दो बार कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यूरिटी की मीटिंग हुई है।

          समाचार पत्रों से लगता है कि यह बैठक मुख्य रूप से कश्मीर की स्थिति के बारे में विचार करने के लिए हुई है। आज जब सदन पिछले सप्ताह के गतिरोध से उबरकर अपनी कार्यवाही फिर से नॉर्मल तौर पर शुरू कर रहा है, मैं समझता हूं कि यह उचित होगा कि सरकार की ओर से सदन को इस स्थिति के बारे में बताया जाये। उसे ठीक करने के लिए क्या-कुछ किया जा रहा है, उसके फैक्ट्स क्या हैं, इसके बारे में भी सदन को बताया जाये। आज मैं हिन्दू पत्र में देख रहा था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार का संकट पुलिस ने पहले कभी नहीं देखा है, ऐसे संकट का सामना पुलिस ने पहले कभी नहीं किया है। कल इतवार की हैडिंग्स तो सब अखबारों में “ब्लडी संडे”, “रक्तरंजित रविवार” आदि थीं। कल 9 लोग मारे गये और कल भी शायद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यूरिटी की बैठक हुई थी। हिंसा और अराजकता यही दो लक्षण विगत दिनों की परिस्थिति के हैं। उस परिस्थिति के तथ्य क्या हैं, ऐसा क्यों हुआ, इसके बारे में सरकार क्या कर रही है, इसके बारे में सदन जानना चाहेगा? मैं मांग करता हूं कि गृह मंत्री जी सदन को इसके बारे में अवगत करायें।

SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA): Madam, I have also given notice. … (Interruptions)

 

श्री शरद यादव (मधेपुरा):महोदया, आडवाणी जी ने जो चिंता जाहिर की है, मैं उससे पूरी तरह सहमत हूं। हालात बहुत गंभीर हैं और समूचा देश चिंतित है। चाहे नागरिक हों या सिक्यूरिटी के लोग हों, वहां विकट परिस्थिति है। तीन दिन पहले मैं प्रधानमंत्री जी से भी मिला था और मैंने कश्मीर और नेपाल के बारे में चर्चा की थी। नेपाल में भी परिस्थिति बहुत भयावह है, लेकिन मैं उस पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं। कश्मीर के अंदर, वैली के अंदर जो परिस्थिति है, उस पर देश चिंतित है। सरकार प्रयास कर रही है, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यूरिटी रात को भी इसी सवाल पर बैठी रही। आपकी चिंता का एक समाधान यह है कि आप वहां की सारी परिस्थिति से वाकिफ हैं, लेकिन इस पक्ष के लोग, आडवाणी जी ने ठीक कहा कि हम सब लोग, हमारी चिंता है, क्या हालत है और उसमें हम लोग क्या सहायता कर सकते हैं। हम लोगों का भी बहुत लोगों से जम्मू-कश्मीर में संपर्क है। आप जो प्रयास कर रहे हैं, आपकी जो राजनीतिक दिशा है, उस बाबत यदि मान लीजिये प्रतिपक्ष से भी, इस सदन के बाहर के लोगों से भी मदद ली जाये तो कोई रास्ता बन सकता है। इसका प्रयास दूसरे लोग भी कर सकते हैं, इसलिए मैं सरकार से ऐसा करने के लिए कहूंगा। आप जो काम कर रहे हैं, उससे हमारा कोई मतभेद नहीं है। हमारा केवल इतना ही मतभेद है कि आपकी चिंता का समाधान आपके पास है, लेकिन हम लोगों की चिंता का कोई समाधान नहीं है। इसी नाते मैं सरकार से निवेदन करूंगा कि इस पर यहां वक्तव्य देना चाहिए और इस सवाल पर जूझने के लिए सबकी, जिन-जिन लोगों में सामर्थ्य है, जो सक्षम हैं, उन सबकी मदद लेनी चाहिए। यही मेरा आपके माध्यम से सरकार से निवेदन है।

MADAM SPEAKER : Shri Basu Deb Acharia, you have given notices for two topics. Please speak on one.

 

SHRI BASU DEB ACHARIA : Yes, Madam. I will speak only on this – situation in Kashmir.

MADAM SPEAKER : Al right.

SHRI BASU DEB ACHARIA :  Madam, the situation in Kashmir is very grave. The incidents started on 11th June when one teenaged student, who was hit by a teargas shell, died on the spot following protest by the young men escalating in Srinagar and other places in the Valley. 

Madam, in the first fortnight, three more deaths occurred through police firing and young people threw stones on the paramilitary forces and the police. Subsequently, deliberate attempts were made to beat the young men. There is deep alienation of the people in Srinagar and other places in the entire Kashmir area. The Chief Minister had also called an all-party meeting and assured them to take some steps to contain and control the situation, but no steps have so far been taken to address the problem and to resolve the situation.

Yesterday in one incident, more than seven persons were killed and 35 persons were injured when a mob set afire a police station where explosives were stored, triggering massive blasts in a few areas on the outskirts of Srinagar city.

There is a need for a dialogue by the Central Government as well as by the State Government. The people of the State have lost faith in the Government. There is complete alienation of the people. The Central Government should take steps because the autonomy, which was there, has been eroded during this period. There is a need for restoration of autonomy in the State. I urge upon the Government, in order to improve the situation and to know the views of the people, that they should send a parliamentary delegation to Kashmir to find out the feelings of the people and to assuage the feelings of the people of Kashmir. There is a need for such steps to be taken by the Government.

श्री गणेश सिंह (सतना):अध्यक्ष महोदया, भारतीय खाद्य निगम द्वारा देश में वर्ष 2009-10 में गेहूं की खरीद की गई थी…( व्यवधान)

SHRI BASU DEB ACHARIA :  Madam, the situation in Kashmir is very serious. The Government should make a statement on this. … (Interruptions)

The Home Minister is here. … (Interruptions)

MADAM SPEAKER: But you know, it is ‘Zero Hour’. Let us proceed with the ‘Zero Hour’.

… (Interruptions)

श्री हरिन पाठक (अहमदाबाद पूर्व): महोदया, हमारे नेता ने जो कहा है, गृह मंत्री जी यहां उपस्थित हैं, हम चाहते हैं वे इस बारे में अपना स्टेटमेंट दें।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप लोग शून्य प्रहर चलने दीजिए। यह बहुत दिनों बाद चल रहा है।

…( व्यवधान)

श्री हरिन पाठक : महोदया, हमारे नेता ने इतना बड़ा प्रश्न उठाया है, इस पर पूरा देश चिन्तित है, इस पर सरकार की तरफ से बयान आना चाहिए…( व्यवधान)

MADAM SPEAKER: I cannot compel the Government.

… (Interruptions)

SHRI BASU DEB ACHARIA :  The Government should make a statement. The situation is very serious there.… (Interruptions)

श्री लाल कृष्ण आडवाणी : महोदया, गृह मंत्री जी बताएं कि वे इस बारे में कब बयान देंगे?…( व्यवधान)

श्री हरिन पाठक : महोदया, वह यह तो बता सकते हैं कि इस संबंध में अपना बयान कब देंगे?…( व्यवधान)

श्री गोपीनाथ मुंडे (बीड): महोदया, गृह मंत्री जी कम से कम यह तो बता सकते हैं कि वे कब अपना बयान देंगे?…( व्यवधान)

 

श्री मुलायम सिंह यादव (मैनपुरी):अध्यक्ष महोदया, यह ऐसा सवाल नहीं है, जिस पर हमने नोटिस दिया है या नहीं। यह देश से जुड़ा हुआ सवाल है, इसलिए हम इस पर अपनी राय तो दे सकते हैं। यदि हमने नोटिस नहीं दिया है तो इसका यह तात्पर्य नहीं है कि हमारी सरकार और देश के लिए कोई राय नहीं हो सकती है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : क्या आप इस विषय पर बोलना चाहते हैं?

श्री मुलायम सिंह यादव : जी हां।

अध्यक्ष महोदया : आपने हमें पूर्व में सूचना नहीं दी है। आप अब बता रहे हैं। आप अपनी बात कह सकते हैं।

श्री मुलायम सिंह यादव :  अध्यक्ष महोदया, आपने मुझे बोलने का समय दिया, उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। अभी माननीय आडवाणी जी और अन्य नेताओं ने आपके माध्यम से सरकार का ध्यान कश्मीर की समस्या की तरफ आकर्षित किया। मेरा केवल एक सवाल है । मैं भी कश्मीर के लोगों से अच्छी तरह सम्पर्क में हूँ। सुझाव यह है कि चाहे हमारी सरकार रही हो या कांग्रेस की रही हो, अभी तक कश्मीर की जनता को विश्वास में नहीं ले पाई, यह असली समस्या है। इस पर बहुत बातचीत हुई है, कश्मीर के लोगों ने कहा कि जिस दिन केन्द्र सरकार पर विश्वास हो जाएगा, उस दिन कश्मीर की समस्या हल हो जाएगी और काश्मीर की जनता ही उसे हल कर लेगी। अब उसका एक ही उपाय है कि हम सब लोग मिल कर कोई ऐसी राय बनाएं, जिससे कश्मीर की जनता को दिल्ली की सरकार पर विश्वास हो जाए, केवल यह समस्या है। हम आज भी सम्पर्क में है और बातचीत होती है। इतना-सा सवाल है, अब कैसे सम्पर्क हो, केन्द्र सरकार और हम लोगों पर कैसे विश्वास हो, वहां के लोग काश्मीर की समस्या हल करने के लिए तैयार है।

 

THE MINISTER OF HOME AFFAIRS (SHRI P. CHIDAMBARAM): Madam Speaker, I take note of the concerns expressed by the hon. Members and we share the concerns.

          Jammu and Kashmir is a very sensitive State, and the problems are well known. In the last few weeks, the problem has taken a serious turn. There was a lull after July 19, but again there have been very serious disturbances in Jammu and Kashmir after July 30. The Chief Minister of Jammu and Kashmir has arrived in Delhi. We intend to talk to him again today. I have spoken to him several times in the last week.

          I am aware that I should come to this House and make a statement. If it is possible today, I will do so. Otherwise, I will do it as early as possible.

MADAM SPEAKER: Thank you.