बनदी पतयकीकरण यािचका संखया-२८५२४ वषर २०१०
शीमती संजू उफर गुडन देवी एवं अनय पित राजय उतर पदेश एवं अनय
माननीय यतीनद िसंह,नयायमूितर
माननीय सुरेनद िसंह, नयायमूितर
१- यह यािचका यािचनी को नारी िनकेतन से अवमुक कराने के िलए पसतुत की गयी है।
२- यािचका मे कहा गया है िक यािचनी एवं शी मुकेश कुमार वयसक है और उनहोने आपस मे शादी कर ली।
ततपशचात िवपकी संखया-४ (यािचनी के िपता) ने एक पथम सूचना िरपोटर िदनांक ६-२-२०१० को
मुकदमा अपराध संखया- ९६ वषर २०१० धारा ३६३,३६६ भा.दं. सं. थाना महाराजगंज िजला जौनपुर मे
शी मुकेश कुमार के िवरद दजर कराया। इस पथम सूचना िरपोटर के आधार पर नयाियक मिजसटर ेट,पथम
जौनपुर ने यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी को आदेश िदनांक १०-२-२०१० के दारा नारी िनकेतन
मे रखने हेतु आदेिशत िकया।
३- शी मुकेश कुमार नयायालय के समक उपिसथत है। यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी को मिहला
आरकी शीमती सीमा िसंह के अिभरका मे नयायालय के समक उपिसथत िकया गया है।
४- हमने याचीगण के अिधवका तथा िवपकी संखया-४ की ओर से अिधवका शी एच.पी. िसंह एवं अपर
शासकीय अिधवका को सुना।
५- िवपकी संखया-४ के अिधवका का कथन है :
िचिकतसीय पमाणपत से इंिगत होता है िक यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी अवयसक है।
यािचका सवीकार िकये जाने योगय नही है।
६- यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी का िचिकतसीय परीकण िजला मिहला िचिकतसालय
जौनपुर मे िदनांक ९-२-२०१० को हु आ था। िजला मिहला िचिकतसालय जौनपुर ने अपनी
आखया दी है िक यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी की आयु लगभग -१७ वषर है।
७- यह िनिवरवाद है िक िचिकतसा के दारा आयु मे-२ वषर का अनतर हो सकता है। याचीगण की
ओर से पिरवार रिजसटर की नकल दािखल की गयी है। इसमे यािचनी की जनम ितिथ वषर १९८५
की िदखायी गयी है। इस पिरवार रिजसटर के अनुसार यािचनी वयसक है।
८- हमारे िवचार से यािचनी वयसक है और अपनी सवेचछा से शादी करने के िलए सवतंत है।
९- यािचनी शीमती संजू उफर गुडन देवी ने नयायालय के समक कथन िकया िक वह अपने पित याची
मुकेश कुमार के साथ रहना चाहती है।
१०- पिरिसथितयो को देखते हु ए यािचका सवीकार की जाती है। आकेिपत आदेश िदनांक १०-२-२०१०
अपासत िकया जाता है एवं यािचनी को नयायालय से ही मुक िकया जाता है। वह अपने पित शी मुकेश
कुमार के साथ जा सकती है।
११- ऊपर उिलिखत िकया जा चुका है िक याचीगण वयसक है और दोनो ने अपनी सवेचछा से िववाह कर
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िलया है। इसिलए उनके िवरद उक पथम सूचना िरपोटर के आधार पर समपूणर फौजदारी की कायरवाही भी
अपासत की जाती है।
१२- यह बंदी पतयकीकरण यािचका इसी िटपपणी के साथ अंितम रप से सवीकार की जाती है।
िदनांक-२७-७-२०१०
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