Judgements

Regarding Delay In Release Of Funds Under Mplads. on 22 November, 2007

Lok Sabha Debates
Regarding Delay In Release Of Funds Under Mplads. on 22 November, 2007


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 Title: Regarding delay in release of funds under MPLADS.

श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल)  : माननीय सभापति महोदया, आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा। मैं बहुत ही महत्वपूर्ण लोक महत्व के प्रश्न को सदन के सम्मुख रखना चाहूंगा कि हमारे उत्तर प्रदेश में सांसद निधि का जो पैसा है, इसका उपयोग करने की राज्य सरकार और आला आफिसर उपेक्षा कर रहे हैं। मैं अपने संसदीय क्षेत्र की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि बहुत सी लम्बित परियोजनाएं हैं, जिनके लिए हमने सांसद निधि से पैसा दिया है, लेकिन वे परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं या तो विभाग को आधा पैसा दिया गया है और जिन लोगों ने काम किया है, उन्हें भी पूरा पैसा नहीं दिया गया है। इस विषय पर मैंने कई बार शासन को लिखा है और लोकल प्रशासन से भी निवदेन किया है और आज भी पुरजोर तरीके से सरकार के संज्ञान में यह बात लाना चाहता हूं कि जब भी वहां के जिलाधिकारी से या अन्य विभागों के मुख्य विकास अधिकारी से या किसी भी विभाग के अधिकारी से बात कर लीजिए, तो वे यही जवाब आता है कि सरकार की योजना अम्बेडकर गांव की है या राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, इसे पूरा करना है। हम इन योजनाओं को पूरा करने में लगे हैं, हम सांसद लोगों की तरफ कैसे ध्यान दें? यह बहुत गंभीर मामला है, सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए और संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को और चीफ सैक्रेटरी को तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को यहां से निर्देश दिया जाना चाहिए कि सांसद निधि का पैसा अपने आप में महत्वपूर्ण धन है। सही तरीके से इस पैसे का समयबद्ध उपयोग होना चाहिए।