Title: Need to solve the power crisis prevailing in Madhya Pradesh.
(राजगढ़): अध्यक्ष महोदय, देश के कुछ राज्य गंभीर विद्युत संकट से जूझ रहे हैं, जिनमें मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र भी हैं। केन्द्र सरकार ने यह कहा था कि जो राज्य सरकारें रिफोर्म एक्ट-२००० पर दस्तखत करेंगी, उन्हें पर्याप्त बिजली दी जाएगी। मध्य प्रदेश पहले उन राज्यों में से है जिसने रिफोर्म एक्ट पर दस्तखत किये, लेकिन फिर भी उसे बिजली नहीं दी गयी। कहा गया कि आपके यहां जो विद्युत बोर्ड हैं उनको विभाजित करके पांच कंपनियां बनाइये। हमने उस कार्य को भी दो वर्ष में क्रियान्वित कर दिया, फिर भी बिजली नहीं दी गयी। फिर कहा गया कि अपने मासिक रैवेन्यू को बढ़ाइये। हमने उसे २८० करोड़ से बढ़ाकर ३९० करोड़ किया है, फिर भी बिजली नहीं दी गयी। फिर कहा गया कि एमओयू पर साइन कीजिए, हम आपको १०० मैगावाट बिजलीNTP औरैया से देंेंगे। अभी तक केवल ५०MW दी गई। आज स्थिति यह है कि पूरा प्रदेश विद्युत कटौती और विद्युत संकट से जूझ रहा है। वहां १५ दिन के कार्यकाल में ११०० मैगावाटKorba अथवा विंध्याचल तापगृह को विद्युत उत्पादन कम हो गया है। मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहूंगा कि ईस्टर्न रीजन से, जहां सरप्लस पावर है, नेशनल ग्रिड कारपोरेशन से पावर लेकर मध्य प्रदेश को दें जिससे मध्य प्रदेश के विद्युत संकट का समाधान हो सके।
MR. SPEAKER : The House stands adjourned to meet again at 2 p.m.
13.05 hrs.
The Lok Sabha then adjourned for Lunch till Fourteen of the Clock.
————