>
Title: Need to strengthen the Wild Life Protection Laws and ensure its effective implementation to protect wild animals from poachers.
श्री गणेशराव नागोराव दूधगांवकर (परभणी):जंगली जानवरों के शिकार पर प्रतिबंध के बावजूद अनेक राज्यों में इनका शिकार कर बड़ी मात्रा में तस्करी की जा रही है तथा देश में आये दिन वन्य जीवों के अंगों से बने सामान भी पकड़े गये हैं। इसका असर वन्य जीवों पर ही नहीं वन्य क्षेत्र के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन प्रकृति पर भी साफतौर पर देखा जा सकता है। इससे कई जीवों के साथ ही वन प्रकृति सहित पेड़ पौधों एवं पर्यावरण पर कुप्रभाव पड़ने लगा है, कानून बनाने के बावजूद कोई फर्क नजर नहीं आ रहा है, इसका मुख्य कारण वन्य जीवों के लिए बने कानून पर पूरी तरह अमल न कर पाना है, इसमें लचरता के कारण संलिप्त लोग कानूनी पेचींदगी का फायदा उठाकर बच निकलते हैं।
आपके माध्यम से मेरा सरकार से अनुरोध है कि इसमें तुंत हस्तक्षेप कर वन्य जीवों को बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर इसमें संलिप्त पाये गये लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जाये और वन्य जीव कानून को और कठोर किया जाये एवं इसके बचाव के लिए बने कानून को पूरी तरह अमल में लाया जाये और वन्य जीवों की सुरक्षा हेतु सुरक्षा कर्मियों की उपयुक्त तैनाती तथा उन्हें उचित सुविधा दी जाये।