Title: Requests to bring legislation to control the population of the country.
श्री सोहनवीर सिंह : माननीय सभापति महोदय, मैं आपका ध्यान एक महत्वपूर्ण विषय की ओर दिलाना चाहता हूं। आज देश की आबादी द्रुतगति से बढ़ रही है। मैं आपको अपने संसदीय क्षेत्र के दो कस्बों- मीरापुर और जानसठ के बारे में बताना चाहता हूं। इन जगहों पर सरफराज- १२ बच्चे, सब्बन-१३ बच्चे, इरफान-१४ बच्चे, बत्तन-१२ बच्चे, मगरूर- १५ बच्चे, केसरमियां-१२ बच्चे, मोहम्मद-१२ बच्चे, जमील-१३ बच्चे, इरशाद-१ बच्चे, इकबाल-११ बच्चे, शाहिद-१२ बच्चे, लियाकत-१३ बच्चे, यामीन-१२ बच्चे और शससी-१२ बच्चे हैं। यह देश किधर जा रहा है? आपने देखा है कि इस तुष्िटकरण ने देश की कमर तोड़ दी है। इस देश में १०० करोड़ की आबादी को सहने की क्षमता नही है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुज़फफरनगर से दिल्ली १२० किलोमीटर है लेकिन ट्रेफिक जाम रहता है। एक साल पहले यह रास्ता तीन घंटें में तय होता था और आज चार घंटे से ऊपर लगते हैं। सभापति महोदय : आप भारत सरकार से कया करने के लिये कहते हैं? श्री सोहनवीर सिंह : सभापति महोदय, यह देश १०० करोड़ की आबादी को बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरा निवेदन है कि । आबादी पर कंट्रोल करने के लिये कानून बनाया जाना चाहिये। हमारे सामने चीन का उदाहरण है जहां आबादी पर कंट्रोल करने का कानून बना हुआ है। आप स्वर्ण जयंती समति के सदस्य थे जिसमें आबादी पर अंकुश लगाये जाने की बात की गई थी लेकिन कोई अंकुश नहीं लगाया गया। मेरा निवेदन है कि जब आबादी इतनी तेज़ी से बढ़ रही है, सरकार यह तुष्िटकरण की नीति छोड़ दे।
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*Expunged as ordered by the chair.
SHRI P.C. THOMAS (MUVATTUPUZHA): Sir, he cannot accuse a particular community like that.
MR. CHAIRMAN: All those objectionable parts would be removed.