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Title: Need to review guidelines in respect of Rajiv Gandhi Rural Electrification Scheme in Chhattisgarh.
श्री पुन्नू लाल मोहले (बिलासपुर) : माननीय उपाध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी आवासों तक राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अन्तर्गत वर्ष 2009 तक विद्युत उपलब्ध कराई जानी है। इस योजना में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम को नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया है। योजना के अन्तर्गत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन बनाने से लेकर कार्य सम्पन्न कराने तक केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एन.एच.पी.सी., एन.टी.पी.सी. तथा पी.जी.सी.आई.एल. को सौंपा गया है। इस योजना के अन्तर्गत परियोजनाओं की समग्र लागत की 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत राशि वित्तीय संस्थाओं से ऋण के रूप में राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।
अभी हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा अचानक यह निर्णय लिया गया है कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अन्तर्गत केवल उन्हीं मजरो-टोलो रिहायशी क्षेत्रों को शामिल किया जाये, जिनकी आबादी 100 या अधिक हो। इस सम्बन्ध में यह स्पष्ट किया जाना उचित होगा कि छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है एवं यहां के अधिकांश परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य का अधिकांश भाग वन क्षेत्रों में स्थित है। इनकी आबादी भी 100 से कम है। इस प्रकार राज्य के लगभग 50 प्रतिशत रिहायशी क्षेत्रों का विद्युतीकरण राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अन्तर्गत किया जाना सम्भव नहीं हो सकेगा तथा राज्य में इस योजना का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा।
उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के इस निर्णय में संशोधन कराना आवश्यक है। अतः केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य के सभी लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके, इस योजना में ऐसा संशोधन करना चाहिए। साथ ही ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, नई दिल्ली को प्रस्तुत किये गये 11 जिले राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, रायपुर, धमतरी, जशपुर, रायगढ़, कोरिया, सरगुजा, बस्तर एवं दांतेवाड़ा की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदनों की स्वीकृति हेतु राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन अतिशीघ्र किया जाये। केन्द्र सरकार के पास यह योजना विचाराधीन है। बिलासपुर जिले को इसमें शामिल किया जाये। 12 टोले मोहल्ले में 100 से अधिक आबादी वाले गांवों को जोड़ा गया है, पर वहां उससे कम आबादी वाले 12 टोले मोहल्ले हैं, वन भूमि है और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे टोले में आबादी बसी है, जिनकी जनसंख्या 50 से कम है, ऐसे 12 टोले मोहल्लों को भी इसमें शामिल किया जाये, जिससे 50 प्रतिशत आबादी गरीबी की रेखा के नीचे विद्युतीकरण योजना में लाभ ले सके। इनको लाभ लेने के लिए 50 प्रतिशत से कम आबादी वाले गांवों को भी इस योजना में शामिल किया जा सके।