nt>
Title: Request to provide compensation to farmers at a uniform rate in the country under the Land Acquisition Act.
(सोनीपत): महोदय, मैं आपके मार्फत सरकार का ध्यान एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर दिलाना चाहता हूं। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक लाखों इंडस्ट्रीज़ बाहर जा रही हैं। दिल्ली से साथ लगते इलाके हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में वे इंडस्ट्रीज़ लगाई जा रही हैं। खेद का विषय यह है कि दिल्ली के बार्डर के साथ प्रांतीय सरकारें किसानों की जमीन एक्वायर कर रही हैं और कोड़ियों के भाव में वे जमीनें खरीदी जा रही हैं, एक्वायर की जा रही हैं। उन्हें एक-एक, डेढ़-डेढ़ लाख रुपए मुआवजा दिया जाता है, जब कि मार्केट रेट २०-२०, २५-२५ लाख रुपए है। दिल्ली में जिस किसान की जमीन एक्वायर होती है, उसे १६ लाख एकड़ का मिलता है। हरियाणा में जो एक्वायर होती है, उसका डेढ़-दो लाख मिलता है। छोटे-छोटे किसानों की जमीन कोड़ियों के भाव खरीदी जा रही है। किसान बर्बाद हो रहे हैं। इंडस्ट्रीज़ को बसाने के लिए किसानों को उजाड़ा जा रहा है। प्रांतीय सरकारों ने एक बिजनेस बना लिया है कि जमीन सस्ती एक्वायर करो और महंगे रेट पर इंडस्ट्रीज़ को दो। वे करोड़ों-अरबों रुपए कमा रहे हैं और किसान बर्बाद हो रहे हैं।
इसलिए मेरी आपके माध्यम से सरकार से प्रार्थना है कि लैंड एक्वीजिशन एक्ट को सारे देश में समान बनाया जाए और जिन किसानों की जमीन एक्वायर हो उन्हें मार्केट रेट के हिसाब से पैसा दिया जाए, वरना लाखों किसान बर्बाद हो जाएंगे। धन्यवाद।…( व्यवधान )