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13.07 hrs.
Title: Regarding alleged illegal immigration of Indian youths resulting in their imprisonment in foreign jails, especially in Pakistan.
श्री जे.एस.बराड़ (फरीदकोट) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से बताना चाहता हूं कि देश के अनेक नगरों में, विशेषकर पंजाब में एक बहुत बड़ा रेकेट है, ट्रेवल एजेंट्स के थ्रू यह काम होता है। नौजवानों के लिए एम्प्लायमेंट के रास्ते बिलकुल कम हो गए हैं। उनमें से किसी से पांच लाख और दस लाख लेकर, विदेशों का झांसा देकर उनके साथ अन्याय हो रहा है। इससे भी ज्यादा संवेदनशील बात यह है कि इन नौजवानों को यहां से ग्रीस, ग्रीस से लेबनान, लेबनान से तुर्की और फिर वहां से ईरान, उसके बाद जेलों में रखने के बाद, उनके पासपोर्ट फाड़ने के बाद उन्हें पाकिस्तान की क्वेटा जेल में कई नौजवानों को बंदी बना कर रखा हुआ है। मेरे पास उनकी तरफ से एक लिस्ट आई है, मैं आपकी इजाजत से उसे पढ़ कर सुनाना चाहता हूं। इन तमाम परिवारों के जो सदस्य हैं, उनके नाम बताना चाहता हूं। Satnam Singh, S/o Balwinder Singh V.P.O. Sohal Dist.. gurdaspur(Pb.) Surjit Singh, Village Talli, Distt. Pehowa, Haryana. Rakesh Singh, village Kashmir Garh Distt. Yamuna Nagar (Haryana) Surjit Singh, Village Bakhli, Distt. Pehowa (Haryana) Balwinder Singh, Village Narwarsi, Kurukshetra (Haryana) Inderjit Singh, Village Brara Gurdev, Distt. Ambala (Haryana) Rajwinder Singh, Village Ajrawar, Distt. Pataila (Punjab) Sukhwinder Singh, Village Milk Shekha, Distt. Ambala (Haryana) Harmesh Singh, Village Jandel Khurd, Distt. Nawan Shehar (Punjab) Surinder Singh, Village Mallan Wali, Distt. Yamuna Nagar (Haryana) Bachitar Singh, Pehowa (Haryana) Surjit Lal, Village Kataria, Naewanshehar(Punjab).साधू सिंह ने भी शिकायत भेजी है।
महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से विनती करना चाहता हूं, यहां स्वामी जी विराजमान हैं। आप उस महकमे के वज़ीर नहीं हैं लेकिन आपकी जिम्मेदारी है। इसमें हरियाणा के कम से कम आठ, नौ नौजवान हैं। इस तरह से नौजवानों को धोखा देकर उन्हें बाहर ले जाया जाता है। आज एक रिपोर्ट आई है कि कुल्लू में जो नागरिक बाहर के थे, उनके ऊपर स्मगलिंग का कुछ इल्जाम था।
उनको ब्रटिश सरकार ने रिहा करवा लिया कि वे वहां के समाजसेवी हैं या लेखक हैं। मेरा कहना है कि नाजायज़ तरीके से जो क्वेटा जेल में १५ के करीब नौजवान हैं जिनके ऊपर न टैरेरिज्म, न गलत काम, न स्मग्िंलग का कोई आरोप है, उनको वहां से रिहा करवाने के लिए क्या आप कोई कदम उठाएंगे। मैं आपसे आश्वासन चाहता हूं, आप कुछ इस पर कहेंगे तो मेहरबानी होगी। स्पीकर सर, यह महत्वपूर्ण मामला है। अगर माननीय मनिस्टर साहब इस बारे में कुछ कह दें तो उनको बचाया जा सकता है।
अध्यक्ष महोदय : ध्यान देने के लिए आप मंत्री जी को, होम-मनिस्टर साहब को कहें। मैं पहले ही ध्यान से सुन रहा हूं।
श्री जे.एस.बराड़: आप तो ध्यान से सुन रहे हैं लेकिन अगर आप एक्सटरनल अफेअर्स मनिस्टर साहब को कह दें तो जो लोग जेलों में बंद हैं उनको छुड़ाया जा सकता है।
गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री ईश्वर दयाल स्वामी) : यहां जो भी बात माननीय सदस्य कहते हैं उस पर पूरी तरह से विभाग और मनिस्टरी ध्यान देती है। आपने जो बात अभी कही है उस पर पूरी तरह से ध्यान दिया जाएगा।
श्री जे.एस.बराड़ : धन्यवाद सर, आई एम ग्रेटफुल।
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