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Title: Need to provide water to Jalore and Sirohi regions of Rajasthan from Mahi and Narmada projects.
श्री देवजी एम. पटेल (जालौर): उपाध्यक्ष महोदय, धन्यवाद। जालोर सीरोही में पानी की बहुत समस्या है और सरकार ने वहां डार्क जोन घोषित किया है, जिसकी वजह से वहां पानी की और समस्या पैदा हो गई है, क्योंकि बोरिंग, हैंडपम्प और कुएं आदि लगाने की वहां परमिशन नहीं मिल रही है। वहां राजस्थान के छोटे-बड़े किसान हैं। वहां पानी की बहुत समस्या है और इसके समाधान के लिए सरकार की तरफ से कोई संतोषजनक पहल नहीं की गई है। आज पानी की समस्या वहां बहुत विकट होती जा रही है।
मैं आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध करूंगा कि हमारे वहां नर्मदा नदी है और फंड कम होने के कारण, मैंने पिछली बार भी सभा में कहा था कि राज्य सरकार कहती है कि हमारे पास फंड नहीं है, इस वजह से यह परियोजना पूरे जालोर में लागू नहीं हो रही है। मैं आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध करना चाहूंगा कि एक विशेष पैकेज दे कर जालौर और सिराही जिले को जो नर्मदा नदी से पानी मिलने वाला है, वह पानी मिले। इसका एक कारण यह भी है कि हम नर्मदा नदी का पानी व्यर्थ में लूनी नदी में डाल रहे हैं। वह पानी व्यर्थ जा रहा है और उसका किसी प्रकार से कोई उपयोग नहीं हो रहा है। हमारे वहां पाइप लाइन भी डल चुकी हैं, लेकिन डैम बनाने के लिए भूमि ओप्ट करनी है, वह तेतरोल गांव की भूमि ओप्ट नहीं की जा रही है। तेतरोल गांव की उस भूमि को ओप्ट करने के लिए सरकार विलम्ब कर रही है।
मैं आपके माध्यम से प्रधानमंत्री जी और सरकार से पुनः अनुरोध करना चाहूंगा कि ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे कि एक विशेष पैकेज दे कर नर्मदा नदी का पानी जालौर और सिरोही जिले को मिल सके।