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Title : Need to expedite repair work on the bridge over river Ganga in Patna, Bihar.
श्री हुक्मदेव नारायण यादव (मधुबनी):सभापति महोदय, मैं पिछले सत्र में इस मामले को देता रहा, लेकिन आज मेरा सौभाग्य है कि लाटरी निकल गई।
मेरे ये जो सवाल हैं, ये बिहार के महत्वपूर्ण सवाल हैं, हृदय रेखा है। गंगा पर पुल है, जो उत्तर बिहार के 17 जिलों को राजधानी पटना से जोड़ता है। यह पुल उस समय बन रहा था, जब मैं बिहार असेम्बली का मैम्बर था। उस समय इसके दो पिलर क्रैक हो गये। असेम्बली में उस समय हम लोगों ने हल्ला किया था तो मरम्मत करके पुल को बनाया गया। जब मैं भारत सरकार में पिछली बार भूतल परिवहन मंत्रालय का राज्य मंत्री था तो 2002 में उस पुल की इन्क्वायरी करवाई कि इसको देखो कि इसकी हालत क्या है।
वह पुल बिल्कुल जर्जर था, 35 करोड़ रुपये के एस्टीमेट से 2003 से लेकर आज तक गंगा के पुल की मरम्मत चालू है। वह पुल जर्जर है और उस पर यह लिखा हुआ है कि भारी वाहन को चलाना मना है या गति सीमा निर्धारित है। कभी-कभी पुल पर जाम हो जाता है तो 1-1 सौ ट्रक और गाड़ियां उस पर लगी रहती हैं। किसी दिन उसका इस पार से उस पार तक का बीम ब्रेक कर जाएगा। उसमें हजारों लोग मर जाएंगे और हजारों वाहन गंगा में जल समाधि में चले जाएंगे।
इसी कम्पनी ने दरभंगा से मुजफ्फरपुर के बीच में एल.आर.जी. पर और आधा दर्जन पुल बनाये थे जो एन.एच. 57, एक्सप्रैस हाईवे पश्चिम से पूरब वाली सड़क को जोड़ने वाली सड़क हैं। उसकी हालत जर्जर है। इसी कम्पनी ने मैट्रो बनाया, जो अभी दिल्ली में इतनी बड़ी दुर्घटना हुई। उसी कम्पनी के कारण मैट्रो में दुर्घटना हुई। उसी कम्पनी गैम्मन इंडिया लिमिटेड को कोसी पर 12 किलोमीटर का महासेतु एन.एच. 57 पर बनाने के लिए दिया गया है। लगातार जो इतनी बड़ी घटनाएं घटित हो रही हैं, एन.एच.ए.आई. और एन.एच. में, इस कम्पनी को काली सूची में दर्ज करके जहां इस पर मुकदमा करना चाहिए था, कम्पनी इतने बड़े राष्ट्रीय हित के साथ खिलवाड़ कर रही है। वह नहीं करके पैरवी में हो, प्रभाव में हो, किसी तरह से हो, इस कम्पनी को आगे बढ़ाया जाता है। यह राष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इसलिए एन.एच.ए.आई., भूतल परिवहन मंत्रालय और भारत सरकार और गृह मंत्रालय अलग से इस बात की जांच करे और ऐसे लोग, जो राष्ट्रद्रोही काम करने वाले हैं, उस कम्पनी के खिलाफ मुकदमा चलायें, उनके सब लोगों को गिरफ्तार करे।