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Title : Need to ensure that handicraft and handloom workers get benefits of Rajiv Gandhi Swasthya Shilpi Bima Yojana without any discrimination.
श्री राजाराम पाल (अकबरपुर): मैडम, भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही राजीव गांधी स्वास्थ्य शिल्पी बीमा योजना, जो महत्वपूर्ण योजना है, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि यह वर्ष 2006 में प्रारंभ की गयी थी। इससे मात्र सत्तर लाख लोगों को लाभ मिला है, जबकि उनकी कुल संख्या एक करोड़ सत्तर लाख है। उनमें मात्र दस लाख लोगों के लिए, जो हथकरघा कारीगर हैं, उन्हें तो इस योजना के अंतर्गत 800रूपए लाभार्थी से और 200 रूपए सरकार की ओर से दिया जाता है। वर्ष में उनके परिवार को 15,000 रूपए की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, लेकिन हस्तशिल्पकला के जो कारीगर हैं, उनको इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। हथकरघा कारीगरों को सौ प्रतिशत सरकार द्वारा योगदान दिया जाता है, जबकि हस्तशिल्प कारीगरों को 800रूपए लाभार्थी को देना पड़ता है। यह योजना मात्र सत्तर लाख लोगों को अब तक दी गयी है, जबकि पूरे देश में एक करोड़ सत्तर लाख कारीगर हैं।
मैडम, यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है। हम सरकार से मांग करते हैं, आदरणीय सोनिया गांधी जी का ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं कि राजीव गांधी शिल्पी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ पूरे देश में एक करोड़ सत्तर लाख कारीगरों को समान रूप से दिया जाए। यह मैं आपके माध्यम से मांग करता हूं।