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Title: Situation arising out of the smuggling of sugar, apple and garlic via Nepal to India.
श्री रामजीलाल सुमन (फ़िरोज़ाबाद) : अध्यक्ष महोदय, चीन से नेपाल के रास्ते हमारे देश में बहुत से सामान की तस्करी होती रही है। पिछले दिनों बिजली से संबंधित काफी सामान हमारे देश में तस्करी के मार्फत आया है।
महोदय, हिंदुस्तान के अखबारों में सुर्खियों के साथ छपा है कि बड़े पैमाने पर चीन से नेपाल के रास्ते प्रतिबंधित चीनी सेब और लहसुन की तस्करी हो रही है। सीमा पर तस्करी रोकने के लिए कस्टम, एसएसबी और पुलिस के चैकपोस्ट्स होने के बावजूद यह माल धड़ल्ले से गोरखपुर की मंडियों में आ रहा है। इस माल की धरपकड़ की जिम्मेदारी जिन एजेंसियों के पास है, वे भी स्वीकार करती हैं कि बड़े पैमाने पर सेब और लहसुन चीन से नेपाल के रास्ते तस्करी के माध्यम से भारत में आ रहा है। यह बहुत ही गंभीर मामला है। प्रतिबंधित सेब और लहसुन बड़नी, सोनोली, ठूठीबाड़ी, जवरल और नौगढ़ के रास्ते भारत आ रहा है। इनकी सबसे बड़ी ब्रिकी की मंडी गोरखपुर की महेवा मंडी है। यहां से बस्ती और गोरखपुर मंडल के सातों जिलों में सेब और लहसुन जाता है। आज स्थिति यह है कि तीन महीने पहले हमारे यहां लहसुन पांच हजार रुपए क्विंटल बिक रहा था।[R3]
* Not recorded
जब किसान का उत्पादन बाजार में आ गया तो उत्तर प्रदेश में इटावा और मैनपुरी की जो बैल्ट है, जहां लहसुन का उत्पादन होता है, वहां आज लहसुन 850-900 रुपए क्विंटल बिक रहा है। यह किसानों को मारने का अजीब तरीका है। जो अधिकारी डय़ूटी में लगे हैं कि वे ऐसे तत्वों को रोकेंगे, मेरा आरोप है कि सारे अधिकारी अपनी डय़ूटी का निर्वाह नहीं कर रहे हैं और इस तस्करी में शामिल हैं। मैं आपकी मार्फत निवेदन करना चाहूंगा कि भारत सरकार इसका संज्ञान ले और जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करे। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि सेब और लहसुन की जो तस्करी हो रही है, उसके ऊपर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा।
डॉ. सत्यनारायण जटिया (उज्जैन) : अध्यक्ष महोदय, मध्य प्रदेश में भी लहसुन के बाग-बगीचे हैं। उसे सरकार देखे। …( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : उत्तर प्रदेश में इटावा और मैनपुरी की जो बैल्ट है, वहां लहसुन का उत्पादन होता है। …( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदयः क्या हो रहा है? क्या स्पीकर की जरूरत है या नहीं? आप स्वयं तय करते हैं कि क्या बोलेंगे, क्या नहीं बोलेंगे और कभी भी बोलेंगे? ऐसे में स्पीकर को छोड़ दीजिए।
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदयः मैंने आपको बोलने का पूरा मौका दिया है।