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Need To Provide Employment Opportunities To The Unemployed Pilots. on 5 August, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Provide Employment Opportunities To The Unemployed Pilots. on 5 August, 2010

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Title: Need to provide employment opportunities to the unemployed pilots.

श्री सतपाल महाराज (गढ़वाल): सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से सदन का ध्यान देश में पायलट की ट्रेनिंग पूरी कर चुके बेरोजगार पायलटों की व्यथा ओर आकर्षित करना चाहता हूं।  एक व्यक्ति जो 30 से 40 लाख रुपए पायलट की ट्रेनिंग के लिए खर्च करता है जिसमें उसके माता-पिता का घर, खेत, दुकान आदि गिरवी हो जाते हैं, तब जाकर वह पायलट का प्रशिक्षण प्राप्त करता है। परन्तु उसे देश में ही रोजगार का अवसर नहीं मिल पाता है। आज हमारे देश में लगभग 5000 बेरोजगार पायलट हैं तथा 1000 पायलट हर वर्ष बेरोजगार हो रहे हैं।

          इस समस्या के निवारण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा क्या प्रयास किए जा रहे हैं? जबकि काफी संख्या में विदेशी पायलट आज हमारे यहां काम कर रहे हैं। यदि उनके अनुबंध समाप्त कर दिए जाएं तो हमारे नौजवान पायलटों को रोजगार का अवसर प्राप्त हो सकता है। नौजवान पायलटों को रोजगार प्रदान करने के लिए पायलट की सेवा निवृत्ति की आयु भी 65 से घटा कर 60 वर्ष की जा सकती है।

          विमान चालकों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा सकती है, ताकि इनकी नियुक्ति पारदर्शिता के साथ हो सके। भारतीय कमर्शियल पायलट लाइसेंस का अथवा बीएससी एविएशन डिग्री का प्रावधान किया जाना चाहिए। जब तक विमान सेवाओं में बूम न आए तब तक जैसा कि सरकार ने वर्ष 1973, 1975 एवम् 1979 में इन पायलटों को लगाया था, उसी प्रकार इन बेरोजगार पायलटों को इंडियन एयरलाइंस एवम् एयर इंडिया में फ्लाइट ऑपरेटर, फ्लाइट डिसपैचर, ऑपरेशन मैनेजर के पदों पर लगाया जा सकता है। इन्हें डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन, एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया या एयर ट्रैफिक कंट्रोलर जैसे विभागों में भी अधिकारी लगाया जा सकता है। ऐसे भी सुझाव हैं कि इन पायलटों को वायुसेना में यातायात पायलट, तटीय गार्ड में पायलट, सभी निजी एयर लाइंस में फ्लाइट डिसपैचर एवम् ऑपरेशन मैनेजर लगाया जा सकता है।

          मेरा आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि इन बेरोजगार युवा पायलटों को शीघ्र रोजगार प्रदान किया जाए।

MR. CHAIRMAN : I would request the Members not to leave the House immediately after they make their remarks.