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Title: Need to provide adequate basic amenities to the tribals residing in Forest Reserved Areas and sanctuaries in Bharuch Parliamentary Constituency, Gujarat.
श्री मनसुखभाई डी. वसावा (भरूच): महोदय, आपने मुझे आज लोकसभा की कार्यवाही में शून्य काल में निम्नलिखित विषय पर विचार व्यक्त करने की अनुमति दी, इसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं समय-समय पर संसदीय क्षेत्र भरुच एंव नर्मदा जिले में वन आरक्षित क्षेत्र एवं अभ्यारण क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का पत्रों के माध्यम से एवं संबंधित अधिकारियों से मिलकर अनुरोध करता रहा हूं। मेरे संसदीय क्षेत्र में बड़ी तादाद में आदिवासियों के गांव नर्मदा जिले के कमोदिया, झारणवाणी, जूनाराज, कंजाल, बेबार, कंणजीबांद्री, पानखला, माथासर, आंबामामा, कुकवाल, अरेठी बेडचा एवं पाटवली और भरुच जिले के वरुखुटा, राजाकुआ, कोल्यापाड़ा जैसे पचासों गांवों में आने-जाने के लिए पक्की सड़क और बिजली की सुविधाएं नहीं हैं। वहां के लोगों को अस्पताल, शिक्षा, सिंचाई और पीने का पानी की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस कारण वन रिर्जव क्षेत्र में रहने वाले लोगों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं हो पा रहा है। वे आजादी के 63 साल बाद भी पशुता का जीवन बिताने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार एक तरफ कई योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपया आदिवासियों को दे रही है, किन्तु इन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। हाल ही में बारिश के मौसम में कई जगह पानी की वजह से रास्ते टूट गए हैं इस कारण वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते टूट जाने की वजह से आदिवासी भारी मुश्किल में फंस गए हैं। केंद्र सरकार आदिवासियों के प्रति हमदर्दी रखती है, मेरा सदन के माध्यम से अनुरोध है कि उल्लिखित गांवों में मानवता के आधार पर उच्च वरियता एवं प्राथमिकता के आधार पर पक्की सड़कें और बिजली की सुविधा अविलम्ब उपलब्ध कराए और इन लोगों को मुख्य धारा में लाने का काम करें।