Title: Need to restore Railway Traffic Accounts and Collection Office at Ajmer, Rajasthan.
(अजमेर):अध्यक्ष महोदय, उत्तर पश्चिमी रेलवे का जो नया जोन बना है, उसके बाद अजमेर में पिछले ५० वर्षों से पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत जो हजारो कर्मचारी ट्रैफिक एकाउंट्स और कम्पाइलेशन के दफ्तर में काम कर रहे थे मुम्बई मुख्यालय के रूप में, उनको पहले सरकार ने आश्वासन दिया था कि भले नया रेलवे जोन बने, यहीं पर ट्रैफिक एकाउंट्स और कम्पाइलेशन का मुख्यालय स्थापित कर दिया जाएगा। लेकिन वहां कार्यरत कर्मचारियों को मुम्बई स्थानांतरित करने के आदेश दे दिए गए हैं। अजमेर में रहने वाले हजारों कर्मचारी जो अभी तक इतने वर्षों से वहीं काम कर रहे थे, मुम्बई में जाएंगे तो कहां उनके रहने की व्यवस्था होगी, कहां उनके बच्चों की शिक्षा की व्यस्था होगी और कहां महानगरीय वातावरण में वे अपने को ढाल पाएंगे। इस तरह से उनके सामने बड़ी भारी कठिनाई पैदा हो जाएगी। इसलिए मैं आपके माध्यम से भारत सरकार से कहना चाहता हूं, जैसा रेल मंत्री जी ने नए रेलवे जोन बनाते समय आश्वासन दिया था कि जो कर्मचारी जहां है, उसको वहीं पर एडजस्ट किया जाएगा और स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, उस आश्वासन की पालना होनी चाहिए। उत्तर-पश्चिमी रेलवे का मुख्यालय बनने के बाद यातायात लेखा और संकलन का जो रेलवे का मुख्यालय है, वह अजमेर में ही कार्य करते रहना चाहिए और जो नार्थ-वैस्ट रेलवे का मुख्यालय था, वह अजमेर में ही रहे। जिन्होंने विकल्प दिया है, वे ही मुम्बई जाएं, लेकिन बाकी लोगों को वहीं पर एडजस्ट किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर अजमेर में हजारों की संख्या में रेलवे कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। वे सत्याग्रह कर रहे हैं, धरने दे रहे हैं और भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं। ऐसी स्थिति में मैं सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा कि वे कर्मचारी अजमेर में काम करते थे, उनको वहीं रहने दें और वहीं काम करने दें।