Title: Need to bring all documents and evidences before the Nanavati Commission set up to enquire the 1983 Sikh Riots.
श्री मदन लाल खुराना (दिल्ली सदर) : अध्यक्ष महोदय, १९८३ के दंगों के बारे में भारत सरकार द्वारा नानावती कमीशन का गठन किया गया, उसके बारे में मैं सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। इतने वर्षों की समाज की इस मांग को मानते हुए इसका गठन किया, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।
महोदय, मेरा इसमें छोटा सा निवेदन है कि इसके पहले चार कमीशन या कमेटी बैठ चुकी हैं- मरवाह कमेटी, मिश्रा कमीशन, जैन-बनर्जी कमेटी और कपूर मित्तल कमेटी।…( व्यवधान) इन सब कमेटियों के सामने एफिडेविट, डाकुमेंट्स आए और कुछ गवाहियां भी आईं। इस कमीशन का १३ साल बाद गठन हुआ है। मेरा इसमें यह सुझाव है कि इस कमीशन के दायरे में उस समय के जो दस्तावेज है, इन चारों कमीशन या कमेटियों के जो एफिडेविट या डाकुमेंट्स हैं, उन्हें इस कमीशन के सामने लाया जाए और इस दायरे में लाया जाए, क्योंकि बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्होंने गवाही दी और वे मर चुके हैं। इसलिए मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि नानावती कमेटी के सामने पुराने डाकुमेंट्स, एफिडेविट कमीशन में लाए जाएं, यह मेरा निवेदन है।