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Problems Being Faced By The People At Railway Crossing On Nh 57 In … on 1 December, 2009

Lok Sabha Debates
Problems Being Faced By The People At Railway Crossing On Nh 57 In … on 1 December, 2009


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Title: Problems being faced by the people at Railway crossing on NH 57 in Darbhanga-Jainagar-Sitamarhi section.

श्री हुक्मदेव नारायण यादव (मधुबनी): महोदया, मैं इस बात की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ कि  “की दुख जाने दुखिया, की दुख जाने दुखियक माय, जाके पैर न फटे बिवाय सो क्या जाने पीर पराई। ” …( व्यवधान) हमारे बिहार में जो एन.एच. 57 है, जो द्वारका धाम से पोरबंदर होकर कामरूप और कोहिमा तक सड़क जाती है …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप भी बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : सिर्फ यादव जी की बात रिकार्ड पर जाएगी।

(Interruptions) … *

अध्यक्ष महोदया : आप लोग बैठ जाइए। आपने अपनी बात कह ली है। आप बैठ जाइए। आप अपनी बात कह लेते हैं, और दूसरे कहते हैं तो आप फिर खड़े हो जाते हैं। ये क्या बात हुई? आप अपनी बात कह लेंगे और जब दूसरे खड़े होंगे तो आप सुनेंगे नहीं। आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप भी बैठिये, तब ये बैठेंगे। अब वह बैठ गए हैं, आप भी बैठिये। पुनिया जी आप बैठिये।  शाहनवाज़ जी, आप भी बैठिये। यादव जी आप बोलिये।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप बैठ जाइए। आप बोल चुके हैं। आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : अब वे बैठ गए हैं। अब आप बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

MADAM SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 2:15 p.m.

13.03 hrs The Lok Sabha then adjourned for Lunch till Fifteen  Minutes

past Fourteen of the Clock.

 

  *Not recorded.

 

14.15 hrs. The Lok Sabha reassembled after Lunch at Fifteen Minutes

 passed Fourteen of the Clock

 

(Shri Francise Cosme Sardinha in the Chair)

 

श्री हुक्मदेव नारायण यादव : सभापति महोदय, मैं बोल रहा था, उस समय हाउस में हल्ला हो गया, इसलिए मेरे विषय अधूरे रह गए ।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN:  Please do not disturb. Now, I am giving you only two minutes because the hon. Speaker had given you the chance. Please continue. Just take two minutes. Please do not disturb.

श्री हुक्मदेव नारायण यादव : सभापति महोदय, मेरा महत्वपूर्ण विषय यह था कि पोरबंदर द्वारिका से लेकर कामरूप कोहिमा तक, पश्चिम से पूर्व को जोड़ने वाली एनएच-57 सड़क जाती है, जो एक्सप्रेस हाईवे है। अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय में योजना शुरु हुई और अब तक वह योजना पूरी गति से चल रही है, लेकिन दरभंगा रेलवे स्टेशन के नजदीक दरभंगा-जयनगर, दरभंगा-सीतामढ़ी, दो रेलवे क्रासिंग हैं, जो बिलकुल स्टेशन के बगल में हैं। दोनों रेल खंड पर रेलगाड़ियां आती हैं और रेलवे फाटक पर गाड़ी रुक जाती है। इस कारण से वहां दो-दो घंटे तक जाम रहता है। अस्पताल जाने वाले पेशंट का दम घुटता है, उसका हवाई-जहाज एवं रेलगाड़ी छूट जाती है। पेशंट अस्पताल नहीं जा पाता। हमने रेलवे बोर्ड एवं जीएम से कहा, रेल मंत्री जी को भी पत्र लिखा, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं देता।

          सभापति महोदय, मेरी आपके माध्यम से सरकार से विनम्र प्रार्थना है कि एनएच-57 पर एनएचएआई के द्वारा ओवरब्रिज बना कर समस्या का निदान हो या रेलवे फाटक को वहां से कुछ दूर हटा दिया जाए, जिससे कि रेलवे फाटक पर ट्रेन न रुके। वहां घंटो तक जाम लग जाता है, वहां कोई दंगा हो जाए या अन्य कुछ हो जाए तो वहां पुलिस नहीं जाती है। वहां हर काम में तकलीफ होती है। वहां के लोग कहते-कहते थक गए। उन्होंने आंदोलन किए, आवाज उठाई, लेकिन वहां उनकी आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए सदन के मार्फस से मैं एनएचएआई और रेल मंत्रालय, दोनों से हाथ जोड़ कर प्रार्थना करता हूं कि इस पर विशेष रूप से ध्यान दें और उस समस्या का निदान करें। धन्यवाद।