>
Title : Need to develop Sitamarhi in Bihar as a tourist place and provide necessary infrastructure commensurate with international standards for the tourists.
श्री अर्जुन राय (सीतामढ़ी): नेपाल सीमा पर अवस्थित उत्तर बिहार का सीतामढ़ी शहर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के चलते अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का शहर है। पौराणिक और लोक मान्यताओं के अनुसार इसे मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम की पत्नी माँ सीता की जन्मस्थली भी माना जाता है। राजा जनक की राजधानी जनकपुर धाम (नेपाल) यहां से मात्र 45 कि0मी0की दूरी पर है। सीतामढ़ी के आस-पास पुनौरा धाम, हलेश्वर स्थान, पंथपाकड़, देकुली धाम की अपनी धार्मिक महत्ता है। इन धार्मिक स्थलों की महत्ता एवं प्रसिद्धि के कारण पड़ोसी देश नेपाल, अन्य राष्ट्रों तथा देशभर से तमाम राज्यों के लोग इन दर्शनीय स्थलों को देखने आते है। विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग भी सीतामढ़ी की एक पहचान है। जट-जटनी इस जिले का एक मशहूर लोकनृत्य है। यह झूमर जैसा होता है। झिंझरी भी स्थानीय लोकनृत्य का एक अनूठा स्वरूप है जिसमें महिलाएं अपने सिर पर घड़ा रख कर नृत्य करती है। सीतामढ़ी लाख से बनी सुन्दर चूड़ियों के लिए भी जाना जाता है। इसके अलावा सीतामढ़ी में विश्व प्रसिद्ध पशु मेला भी लगता है जिसमें देश विदेश से लोग आते हैं। अपनी इन खूबियों के कारण सीतामढ़ी वर्ष भर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना रहता है। परन्तु सीतामढ़ी का नाम राष्ट्रीय पर्यटक मानचित्र में दर्ज नहीं है।
अतः मेरा सरकार और पर्यटन मंत्री से यह अनुरोध है कि सीतामढ़ी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व तथा अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़े होने के देखते हुए इसे एक राष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल के रूप् में विकसित किया जाय, वहां के बुनियादी ढांचे को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता से लैस किया जाय और राष्ट्रीय पर्यटक मानचित्र पर सीमामढ़ी का नाम डाला जाय।