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Title : Need to check the infiltration on Indo-Bangladesh border.
योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : महोदय, बांग्लादेशी अवैध घुसपैठ की समस्या आज केवल भारत-बांग्लादेश सीमा तक ही सीमित नहीं रही। देश के वभिन्न भागों में इनकी राष्ट्रविरोधी गतवधियां न केवल कानून व्यवस्था की द्ृष्टि से अपितु अन्य द्ृष्टियों से भी सबकी चिंता का विषय बन गया है। आज पूरे देश में लगभग ढाई करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध तरीके से रह रहे हैं। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों तथा पश्चिम बंगाल और बिहार में इन घुसपैठियों ने पूरा जन-सांख्यिकी संतुलन ही बिगाड़ दिया है। अवैध धुसपैठ के कारण ही बिहार के पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, सहरसा आदि तथा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और उत्तरी दिनाजपुर जिले मुस्लिम बाहुल्य हो चुके हैं। असम की स्थिति तो अत्यंत विस्फोटक है। १२६ विधानसभा क्षेत्रों में से लगभग ३६ विधानसभा क्षेत्रों में ये बांग्लादेशी घुसपैठिए जन प्रतनधियों के भाग्य निर्माता बन गए हैं। असम सहित त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, अरूणाचल प्रदेश तथा मिजोरम में वर्ष १९९१ तथा वर्ष २००१ के बीच जनसंख्या में १९ प्रतिशत से ले कर ३१ प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इन अवैध घुसपैठियों ने अपने नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करा लिए हैं तथा राशनकार्ड भी बनवा लिए हैं। आज पूरे देश में २० लोकसभा क्षेत्रों तथा लगभग १२५ विधानसभा क्षेत्रों में ये घुसपैठिए चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाली स्थिति में आ गए हैं। राजधानी दिल्ली में भी इनकी संख्या लाखों में है, जो आए दिन कानून व्यवस्था के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। वभिन्न अपराधों तथा राष्ट्रविरोधी गतवधियों में अनेक बांग्लादेशियों के समूह लिप्त पाए गए हैं।
माननीय गृहमंत्री कृपया इस संबंध में माननीय सदन में अपना स्पष्ट वक्तव्य दें तथा राष्ट्रविरोधी गतवधियों पर अंकुश लगाने तथा बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने के संबंध में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, स्पष्ट करने का कष्ट करें।