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Discussion Regarding Increasing Population In The Country (Cont.- … on 13 May, 2005

Lok Sabha Debates
Discussion Regarding Increasing Population In The Country (Cont.- … on 13 May, 2005


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Title: Discussion regarding increasing population in the country (Cont.- Not concluded)

15.21 hrs.

DISCUSSION RULE193

 

Increasing population in the country – contd.

 

MR. DEPUTY-SPEAKER: Now we will take up item no. 32, that is, further discussion regarding increasing population in the country. The time allotted for this discussion was two hours out of which 55 minutes have already been taken. We have a balance of one hour and five minutes. Shri Ramji Lal Suman was on his legs when the House was adjourned.

Shri Ramji Lal Suman – Not present

Shri Alok Kumar Mehta.

SHRI ALOK KUMAR MEHTA (SAMASTIPUR): Mr. Deputy-Speaker, Sir, I will speak next time.

MR. DEPUTY-SPEAKER: If you are not ready, then it is all right.

Shri Raja Rampal – Not present

Dr. Karan Singh Yadav.

 

डॉ. क(द्ध)ण सिंह यादव (अलव(द्ध)) : उपाध्यक्ष महोदय, श्री प्रबोध पाण्डा जी द्वा(द्ध)ा देश में बढ़ती हुई जनसंख्या के बा(द्ध)े में उठाई गई चर्चा की शुरूआत में मैं कहना चाहूंगा कि यह ऐसा विषय है जिसके बा(द्ध)े में हम सभी को चिंता क(द्ध)ने की जरू(द्ध)त है। देश जब आजाद हुआ था, उस समय हम अपने आप को ३६ क(द्ध)ो१/२ कहते थे औ(द्ध) पिछले ५७ साल में हम १०२ क(द्ध)ो१/२ से भी बढ़क(द्ध) हो गये हैं। हम पिछले आंक१/२ों को जब देखते हैं तो पाते हैं कि लगभग ५०-६० साल में आबादी दुगुनी होती थी औ(द्ध) अब पिछले साल के आंक१/२ों को देखते हैं तो पाते हैं कि ह(द्ध) ३० वर्ष में आबादी के आंक१/२े दुगुने हो जाते हैं। सन् १९५० में हमा(द्ध)े देश की आबादी ३० क(द्ध)ो१/२ के लगभग थी औ(द्ध) १९८०-८१ की जनगणना के अनुसा(द्ध) ७२ क(द्ध)ो१/२ के आसपास हमा(द्ध)ी आबादी थी लेकिन आज सौ क(द्ध)ो१/२ से ऊप(द्ध) हमा(द्ध)े देश की आबादी हो गई है। जिस तेजी से हमा(द्ध)े देश की आबादी बढ़ (द्ध)ही है, निश्चित रूप से यह हमा(द्ध)े लिए चिंता का विषय है। आजादी के बाद देश में काफी प्रगति औ(द्ध) त(द्ध)क्की की गई, बहुत सा(द्ध)े स्कूल, कॉलेज खोले गये, डैम, नह(द्ध)ें औ(द्ध) अस्पताल तथा प्रगति के अनेक साधन बढ़ाये गये लेकिन आज सब जगह हम देखते हैं कि उन साधनों की कमी है। आज हमा(द्ध)े देश में बे(द्ध)ोजगा(द्ध) नौजवानों की एक फौज ख१/२ी हो गई है। हमा(द्ध)ी यू.पी.ए. स(द्ध)का(द्ध) (द्ध)ोजगा(द्ध) गां(द्ध)टी योजना बिल लाने वाली है लेकिन इस सबको देखते हुए मैं समझता हूं कि देश के सर्वोच्च सदन को इस बात के लिए सदैव चिंतित (द्ध)हना चाहिए कि पोपुलेशन कंट्रोल क(द्ध)ने के लिए जितने भी उपाय हमने किए हैं, वे का(द्ध)ग(द्ध) साबित नहीं हुए हैं। हमने इस देश में अनेक कोअर्सिव मैथड अपनाक(द्ध) देखे, लोगों प(द्ध) स्ट(द्ध)लाइजेशन ऑप(द्ध)ेशन थोपक(द्ध) देखे लेकिन वे का(द्ध)ग(द्ध) साबित नहीं हुए। पिछले कुछ वर्षों में जनगणना में जरू(द्ध) कुछ गि(द्ध)ावट आई है। कुछ प्रदेशों में अच्छा काम हुआ है। के(द्ध)ल औ(द्ध) अन्य प्रांतों में आबादी नियंत्रण की दिशा में जरू(द्ध) कुछ का(द्ध)ग(द्ध) कदम उठाए गए हैं[R44]  ।वहीं दुर्भाग्य से हमा(द्ध)े उत्त(द्ध) भा(द्ध)त के कुछ (द्ध)ाज्यों, जिन्हें बीमारू (द्ध)ाज्यों के नाम से जाना जाता है जिनमें बिहा(द्ध), मध्य प्रदेश, (द्ध)ाजस्थान औ(द्ध) उत्त(द्ध) प्रदेश शामिल हैं औ(द्ध) नॉर्थ ईस्ट को कुछ (द्ध)ाज्य ऐसे हैं जहा प(द्ध) स्वास्थ्य के पै(द्ध)ामीटर्स अभी भी बहुत बिग१/२े हुए हैं। अग(द्ध) हम इसी हिसाब से आगे चलते (द्ध)हे तो मुझे लगता है कि वह दिन दू(द्ध) नहीं है जब हमा(द्ध)ा देश, जैसी कि पहले से ही भविष्यवाणी की जा (द्ध)ही है कि वर्ष २०३५ तक दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। हमा(द्ध)ी आबादी चीन से बढ़ जाएगी। वह बहुत ही भयावह स्थिति होगी। इसीलिए जरू(द्ध)ी है कि हमा(द्ध)ी स(द्ध)का(द्ध) औ(द्ध) संसद उन उपायों प(द्ध) गंभी(द्ध)ता से विचा(द्ध) क(द्ध)े कि कैसे हम आबादी प(द्ध) नियन्त्रण क(द्ध)ें। संसद इस देश का सबसे अच्छी फो(द्ध)म है। मैं समझता हूँ कि बहुत सा(द्ध)े प्रदेशों में जहाँ ग्रामीण चुनावों में, पंचायती (द्ध)ाज संस्थाओं में इस त(द्ध)ह के नियम औ(द्ध) कानून लाए गए हैं कि दो से अधिक सन्तान वाले लोग चुनाव नहीं ल१/२ सकते हैं, उसी त(द्ध)ह हमें देश की संसद में भी इस बात प(द्ध) विचा(द्ध) क(द्ध)ना चाहिए।हमें देश का नेतृत्व क(द्ध)ना चाहिए, हमें स्वैच्छिक रूप से इस बात के लिए प्रस्ताव पा(िद्ध)त क(द्ध)ना चाहिए, इस प(द्ध) विचा(द्ध) क(द्ध)ना चाहिए कि भविष्य में ऐसे नियम बने कि कम से कम सा(द्ध)े देश में लोगों को यह (द्ध)ाह दिखाई प१/२े कि आबादी नियंत्रण के लिए देश का यह सर्वोच्च सदन चिंतित है।

मैं कहना चाहूंगा कि हम चाहे जितने भी उपाए क(द्ध) लें जब तक ग्रामीण स्वास्थ डिलीव(द्ध), हेल्थ केय(द्ध) डिलीव(द्ध)ी को इम्प्रूव नहीं क(द्ध)ेंगे, तब तक हम आबादी प(द्ध) नियंत्रण नहीं पा सकेंगे। आज गांवों में इस बात की तो जानका(द्ध)ी है कि जनसंख्या प(द्ध) नियंत्रण होना चाहिए, छोटा प(िद्ध)वा(द्ध) होना चाहिए, सीमित प(िद्ध)वा(द्ध) होना चाहिए, लेकिन वहां वे साधन उपलब्ध नहीं हैं जिनको टेक्नीकल भाषा में अनमेट नीड्स कहते है। लोगों की जरू(द्ध)तों को हम पू(द्ध)ा नहीं क(द्ध) सकते हैं। हमा(द्ध)े जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र औ(द्ध) उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहाँ प(द्ध) सुविधाओं की भा(द्ध)ी कमी है। हमा(द्ध)े जो कम्यूनिटी हेल्थ सैंटर्स हैं उनमें डाक्ट(द्ध)ों औ(द्ध) विशेषज्ञों की कमी है, गायनेकोलोजिस्ट्स की कमी है। हमा(द्ध)े यहां डाक्टर्स गांवों में नहीं जाना चाहते हैं। महोदय, मैं आपको ध्यान दिलाना चाहूंगा कि ब्लाक लेवल प(द्ध) ग्रामीण स्वास्थ सुविधाओं की भा(द्ध)ी कमी है औ(द्ध) यह अक्स(द्ध) देखा गया है कि जिन (द्ध)ाज्यों में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अच्छी है जहाँ प(द्ध) ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केय(द्ध) डिलीव(द्ध)ी अच्छी है, जहां ब्लाक लेवल प(द्ध) सर्ज(द्ध)ी की, गायनेकोलोजिस्ट, पीडियोलॉजिस्ट औ(द्ध) एनेथेसिस्ट उपलब्ध हैं, वहां प(द्ध) प(िद्ध)वा(द्ध) कल्याण प्रोग्राम अच्छे चल (द्ध)हे हैं औ(द्ध) जहां ऐसा नहीं है वहां प(द्ध) आबादी प(द्ध) नियंत्रण नहीं हो पा (द्ध)हा है । इसलिए मैं यूपीए स(द्ध)का(द्ध) को धन्यवाद देना चाहूंगा जिसने इस बा(द्ध) नेशनल रू(द्ध)ल हेल्थ मिशन की कल्पना की है औ(द्ध) उसके माध्यम से हमा(द्ध)े ग्रामीण स्वास्थ केंद्रों को अपग्रेड क(द्ध)ने में, उनको सुसज्जित क(द्ध)ने में, वहां प(द्ध) प्राइवेट लेवल प(द्ध) डाक्टर्स, गायनेकोलॉजिस्ट्स औ(द्ध) एनेथेसिस्टट्स हाय(द्ध) क(द्ध)ने, उनकी सर्विसेज लेने आदि मामलों में पहल की जाने की शुरूआत की जा (द्ध)ही है । मैं समझता हूं कि इस मिशन का काम जितना आगे बढ़ेगा, उतना ही हमा(द्ध)ा प(िद्ध)वा(द्ध) कल्याण एवं जनसंख्या प(द्ध) नियंत्रण प्रभावी रूप से हो सकेगा।

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MR. DEPUTY-SPEAKER: Dr. Yadav, you may continue next time.

Hon. Members, before we take up private Members’ Business, I call hon. Finance Minister to make a statement.