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Title: Need to check adulteration in food items and medicines in the country.
श्री वीरेन्द्र कुमार (टीकमगढ़): सभापति महोदय, आज देश में खाद्य पदार्थों और दवाओं में व्यापक मात्रा में मिलावट हो रही है और यह मिलावट ऐसे पदार्थों की हो रही है, जो स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, प्राणों के लिए भी घातक हैं। मिलावट के कारण तरह-तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। आज देश में लगभग हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है।
महोदय, भारतीय उपमहाद्वीप की स्थिति इतनी विस्फोटक है कि बांगलादेश में प्रति वर्ष मिलावट के कारण40 हजार व्यक्तियों के गुर्दे खराब हो जाते हैं और वे मृत्यु की गोद में चले जाते हैं। पाकिस्तान में प्रत्येक वर्ष लगभग 50 हजार बच्चे गुर्दे खराब हो जाने के कारण मृत्यु की गोद में चले जाते हैं। भारतवर्ष में लाखों की संख्या में लोगों के गुर्दे और लीवर खराब हो जाते हैं और वे मौत की गोद में समा जाते हैं।
महोदय, इस मिलावट की रोकथाम के लिए जो प्रयास किए गए हैं, वे असफल रहे हैं। वर्ष2006 में मिलावट की रोकथाम के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट पारित हुआ था, किन्तु इसके नियमों का आज तक ठीक ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। अतः मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि शीघ्र ही इस संबंध में प्रभावी कदम उठाए जाएं और खाद्य पदार्थों एवं दवाओं में हो रही मिलावट पर रोक की कार्रवाई करें और मिलावट करने वाले लोगों के विरुद्ध ऐसे दंडात्मक कदम उठाए जाएं जिससे वे मिलावट करने की हिम्मत न कर सकें।