Title: Need to take action against Shri Ashok Kumar Shrivastava, Upper District Judge, Allahabad High Court on cleaning chamber with Ganga water after Shri B. Prasad, a scheduled castes and Upper District Judge transferred.
श्री शैलेन्द्र कुमार (चैल) : सभापति महोदय, हम आजादी की पचासवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। फिर भी हम जातिवादी व्यवस्था से पिस रहे हैं। देश की सवर्ोच्च न्यायिक प्रणाली पर इस प्रकार के सवालिया निशान लग रहे हैं जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। मैं आपका ध्यान इलाहाबाद की स्थानीय निचली आदालत की तरफ आकर्िषत करना चाहूंगा। श्री बी. प्रसाद अपर जिला जज इलाहाबाद (उ.प्र.)का दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर हुआ। वहीं पर नियुकत श्री अशोक कुमार श्रीवास्तव, अपर जिला जज ने पूरे चैम्बर को गंगा जल से धुलवाया जो बड़े शर्म की बात है। श्री बी. प्रसाद अनुसूचित जाति के अधिकारी थे। यह बहुत गम्भीर मामला है। जब श्री बी. प्रसाद ने इसकी सवर्ोच्च न्यायालय प्रशासन से शिकायत की तो श्री बी. प्रसाद का स्थानांतरण दो वर्ष के अन्दर मैनपुरी कर दिया गया। वे हार्ट पेशेंट हैं जिनका इलाज जसलोक अस्पताल में चल रहा है। मैं माननीय प्रधानमंत्री जी से मांग करुंगा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुये इसे उच्चतम न्यायालय को रैफर किया जाये ताकि श्री बी. प्रसाद को किसी तरह से संरक्षण मिले और उनका स्थानान्तरण निरस्त हो। चूंकि मैनपुरी से मुम्बई के लिये कोई सीधी गाड़ी नही है और मुम्बई में उनका इलाज चल रहा है, उनकी दशा की गंभीरता को देखते हुये आपसे मांग करता हूं कि श्री बी. प्रसाद से मकान खाली न कराया जाये।”>
“> *m0″>2″>”>
श्री मुलायम सिंह यादव (सम्भल): सभापति महोदय, जब किसी अधिकारी या न्यायाधीश का स्थानान्तरण हो जाता है तो दफतर को गंगा जल से धुलवाया जाता है। यह छूआछूत की मानसिकता है। आज हम देश की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयन्ती मनाने जा रहे हैं और गांधी जी के नाम पर जा रहे हैं और इसके लिये लड़ भी रहे हैं। इसीलिये वुमैन्स बिल पर जोर दे रहे हैं। सभापति महोदय, जो मामला उठाया गया है, वह अत्यंत ही गंभीर मामला है। इस बात को नोटिस में लिया जाये। सरकार द्वारा इस मामले में कया कार्यवाही की जा रही है? अगर ज्युडशियरी में इस तरह से होगा कि यदि एक चैम्बर से दूसरे चैम्बर में यह कहकर कि दलित है, बदला जायेगा और गंगा जल से धुलवाकर दफतर को पवित्र किया जायेगा, यह न किया जाये। सभापति महोदय, इस मामले में आप रूलिंग दीजिये। सभापति महोदय : मैं डायरेकशन नही दे सकता। श्री मुलायम सिंह यादव :सभापति महोदय, आप इस मामले को गंभीरता से लीजिये।
… (व्यवधान) सभापति महोदय : यदि आप सब खड़े हो जायेंगे तो कैसे चलेगा?”>
“> *m0”>3
“>श्री राजेश पायलट (दौसा) : सभापति जी, आपने जो सवाल उठाया है इसके लिए सरकार से यह पूछ सकते हैं। दफतर को धुलवाने में कोई दिककत नहीं है, कोई भी उसको साफ करवा सकता है, लेकिन गंगाजल से धुलवाना और उसका प्रचार करना, यह भावनाओं से खेलने वाली बात है। सरकार इस पर रिपोर्ट मंगाये। ऐसी चीजों की शुरूआत तो होती है, लेकिन अंत बहुत बुरा होता है।
The hon. Minister of the Government is sitting here. He can get a report from the State Government whether ….(Interruptions)
MR. CHAIRMAN: It is a very important issue. श्री मुलायम सिंह यादव :यह बहुत गंभीर मामला है, उन्होंने शिकायत की है और जब शिकायत की तो उनका स्थानान्तरण कर दिया गया
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) श्री राजेश पायलट : मैंने माननीय सदस्य की भावना सुनी है, जिसमें उन्होंने बताया कि बिना किसी बात के इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज का स्थानान्तरण हुआ और उनकी जगह दूसरे जज आये और अपने दफतर को गंगाजल से धुलवाया। अनुसूचित जाति के जज ने मुख्य न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय को शिकायत की। सभापति महोदय, इसलिए यह मामला बहुत गंभीर है। सरकार से पूछा जाए कि कया यह सच है, यदि सच है तो इस मामले पर कया कार्रवाई की गई?
PROF. A.K. PREMAJAM (BADAGARA): Mr. Chairman, Sir, I may be permitted to speak.”>
“>”> *m0″>4
“>श्री वीरेन्द्र सिंह (मिर्जापुर): सभापति महोदय, ऐसी घटना नश्िचत रूप से खतरनाक है। यदि कोई इस तरह का काम करता है तो ठीक नहीं है। यह न्यायालय का मामला है और यदि न्यायालय में इस तरह की घटना हो जाए तो इसे कौन देखेगा, हम कहां जायेंगे? सभापति महोदय : इसलिए यह मामला श्री शैलेन्द्र कुमार जी ने उठाया। श्री वीरेन्द्र सिंह :इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस पर कोई रूलिंग दें कि यदि इस तरह की घटना हो गई तो उसको कहां देखा जायेगा। अगर कोई छोटी जाति में पैदा होता है तो वह नीच और यदि कोई बड़ी जाति में पैदा होता है तो उच्च कहलाता हैं, कया यह उचित है? यह व्यवस्था हमारे यहां न रही है और न रहनी चाहिए। इस बारे में साफ-साफ सरकार द्वारा कोई निर्देश जारी किया जाना चाहिए कि इसके लिए कौन दोषी है और दोषी को कया सजा दी जानी है? सभापति महोदय : वीरेन्द्र सिंह जी, जीरो ऑवर में जो मुद्दे उठाये जाते हैं, उस पर सरकार के जो भी मंत्री हैं, वे नोट करते हैं। ऐसे मामलों में अगर कोई रीएकट करना चाहता है, वह रीएकट कर सकता है। यहां से बैठकर उनको डायरेकशन नहीं दी जा सकती है और आपको मालूम है कि यह कानून हमारे पास है। इसलिए शैलेन्द्र कुमार ने जीरो ऑवर में मेन्शन किया, सभा की जो प्रतक़िया है और मंत्री इसके बारे में नोट करेंगे।
… (व्यवधान)
13.00 hrs. सभापति महोदय :मैंने कहा प्रभुनाथ जी आप बैठिये।
… (व्यवधान) सभापति महोदय : ज़ीरो अवर में जो भी मेन्शन होता है, मनिस्टर इधर रहते हैं और नोट करते हैं। अगर प्रतक़िया करनी है तो करते हैं।
… (व्यवधान)
PROF. A.K. PREMAJAM :Mr. Chairman, Sir, you have called my name. (Interruptions) I may be permitted to speak. (Interruptions) श्री लालू प्रसाद (मधेपुरा) : यह बहुत गंभीर मामला है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) सभापति महोदय : गंभीर मामला होने की वजह से सरकार ने नोट कर लिया होगा। श्री लालू प्रसाद :एक जज को इस तरह से अपमानित किया गया है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)½þ¨ÉäÆ ºÉÖ|ÉÒ¨É EòÉä]õÇ ºÉä +ÉOɽþ Eò®úxÉÉ SÉÉʽþB ÊEò <ºÉ ¨ÉɨɱÉä EòÉä nùäJÉäÆ*
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) सभापति महोदय : जो भी हो, इस मामले को सरकार नोट करेगी। श्री लालू प्रसाद :सरकार कुछ रॆस्पॉन्स नहीं कर रही है। आप निर्देश दीजिए। … (व्यवधान) सभापति महोदय : वह रियॆकट नहीं करना चाहते तो मैं डायरॆकशन नहीं दे सकता हूं।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)
PROF. A.K. PREMAJAM :Sir it is more than 10 minutes now after I have been called by you. I wanted to raise an important matter. I may be permitted to speak. I have given a notice. (Interruptions) I was called by you. This is not good. (Interruptions) सभापति महोदय : मुलायम सिंह जी, यह आपके नियम के मुताबिक है कि इसमें चेयर गवर्नमेंट को डायरॆकशन नहीं दे सकती। आपको मालूम होना चाहिए। डायरॆकशन नहीं दे सकते यह नियम है, इसलिए सरकार को अगर रियॆकट करना है तो वह रियॆकट कर सकती है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)
MR. CHAIRMAN: Please allow her to speak.
… (Interruptions)
PROF. A.K. PREMAJAM :Sir, I was not disturbing anyone. I may be permitted to speak. (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Mr. Minister, would you like to react?
PROF. A.K. PREMAJAM :Sir, I may be permitted to speak.
MR. CHAIRMAN: I will allow you after the Minister’s reaction to this matter. श्री प्रभुनाथ सिंह :एक मिनट हमारी बात भी सुन लीजिए।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) सभापति महोदय : आप बैठिये। मंत्री जी रियॆकट करना चाहते हैं।
… (व्यवधान)”>
“>”> *m0″>5
“>श्री प्रभुनाथ सिंह :हम अनुशासित रहते हैं तो सुनते नहीं हैं। जो ज़ोर से बोलते हैं उनको ही बोलने का मौका मिलता है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) हम कहना चाहते हैं कि आये दिन न्यायपालिका की उच्च कुर्सी पर बैठने वाले लोग मनमाना निर्णय करते हैं। इतना ही नहीं, इन लोगों के मनमाने निर्णय की वजह से कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्िटस ने रिज़ाइन कर दिया है और रिज़ाइन करके चले गए। हम जानना चाहते हैं कि इस तरह न्यायपालिका की उच्च कुर्सी पर बैठने वाले लोग मनमानी करेंगे और जब न्यायपालिका के लोग ही हमको न्याय नहीं दे सकते तो दूसरों को न्याय मिलने की उम्मीद कहां है? इसलिए इस पर एक विशेष चर्चा कराई जाए और उसका निदान ढूंढा जाए।”>
“>”> *m0″>6
“> श्री रामदास अठावले (मुम्बई उत्तर-मध्य) : सभापति जी, आज़ादी के ५० साल बीतने के बाद भी अनटचॆबलिटी हमारे देश में है तो सरकार से इतना ही निवेदन है कि अनटचेबलिटी को बढ़ावा देने वाले जो भी लोग हैं, ये देशद्रोही हैं और हमारे संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं। ऐसे जो भी लोग हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई करने के संबंध में सरकार को कुछ न कुछ काम करना चाहिए और आज ही हमें इसका रिप्लाइ चाहिए और इसके संबंध में कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए।
“>”> *m”>07 “>
डा. विजय सोनकर शास्त्री (सैदपुर): सभापति जी, छुआछूत का मुद्दा फिर से सदन में उठाया गया है। इस मुद्दे के पीछे कटुता पैदा करने के अलावा और कोई भावना नहीं है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ){ɽþ±Éä ¨Éä®úÒ ¤ÉÉiÉ ºÉÖÊxɪÉä*
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)¨ÉèÆ VÉÉä Eò½þ ®ú½þÉ ½þÚÆ =ºÉEòÉä vªÉÉxÉ ºÉä ºÉÖÊxɪÉä*
… (व्यवधान) डा. विजय सोनकर शास्त्री (सैदपुर): सभापति महोदय, आप इनको चुप कराइये। सभापति महोदय (श्री पी.एम.सईद): आप सरकार से कया कहना चाहते हैं, वह बताइये।
DR. BIZAY SONKAR SHASTRI (SAIDPUR): Sir, please let me complete my sentence … (Interruptions). What are they doing? … (Interruptions)
MR. CHAIRMAN :Shri Kawade, please take your seat.
… (Interruptions) डा. विजय सोनकर शास्त्री :मैं कह रहा हूं कि इस देश का वातावरण बदल चुका है, इन सब बातों के पीछे कुछ लोग राजनीति करना चाह रहे हैं। छोटी-मोटी घटनाओं को दिखाकर इस देश का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) सभापति महोदय : सरकार को कया करना है यह बताइये।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ) डा. विजय सोनकर शास्त्री (सैदपुर): मेरी बात सुन लीजिए।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)¨ÉèÆ +É{ɺÉä |ÉÉlÉÇxÉÉ Eò®ú ®ú½þÉ ½þÚÆ ÊEò ªÉ½þ BEò MÉÆ¦ÉÒ®ú ¨ÉÖqÉ ½þè, <ºÉ {É®ú ºÉ¤ÉEòÒ ¤ÉÉiÉ ºÉÖxÉ ±ÉäxÉÒ SÉÉʽþB* ÊVÉºÉ iÉ®ú½þ ºÉä EòÖUô ±ÉÉäMÉ <ºÉ nùä¶É ¨ÉäÆ ´ÉMÉÇ +Éè®ú VÉÉÊiɪÉÉäÆ Eòä ¤ÉÒSÉ ¨ÉäÆ Ê¡ò®ú ºÉä §É¨É {ÉènùÉ Eò®úEòä ºÉ¨ÉÚSÉä ®úɹ]Å EòÉä ¤ÉÉÆ]õxÉä EòÉ |ɪÉÉºÉ Eò®ú ®ú½þä ½þèÆ* <ºÉEòÒ ºÉÖxÉ´ÉÉ<Ç ½þÉäxÉÒ SÉÉʽþB* सभापति महोदय : रिकार्ड में कुछ नहीं जायेगा। (व्यवधान)
… (EòɪÉÇ´ÉɽþÒ-´ÞÉiiÉÉxiÉ ¨ÉäÆ ºÉʨ¨ÉʱÉiÉ xɽþÒÆ ÊEòªÉÉ MɪÉÉ*)”>
“>”> *m0″>8″>”>
श्रम मंत्री (डा. सत्यनारायण जटिया): माननीय सभापति जी, अभी सदन में माननीय सदस्यों ने जिस गहन चिंता के साथ बातें कही हैं, नश्िचत रूप से जिस प्रकार की कार्यवाही का वर्णन किया गया है, उस पर किसी की दो राय नहीं हो सकती। कयोंकि भारत के संविधान में भी अस्प्ृाश्यता के बारे में जो प्रावधान है, उस बारे में जो मान्यता है, उस दृष्िट से अब इस देश में ज्यादा समय तक इस प्रकार की बात नहीं चल सकती। नश्िचत रूप से जो घटना है उसके तथ्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिए और उसकी जो भी जानकारी मिलेगी, उसके आधार पर जो आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए, उसकी अपेक्षा मैं करता हूं।
… (व्यवधान) डा. विजय सोनकर शास्त्री (सैदपुर): आप नहीं-नहीं कया कर रहे हैं, छोटी-मोटी घटनाएं होती हैं, उसकी जांच होनी चाहिए। वह क़ाइम ऑफेन्स है, जो अपराधी है, उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।
… (´ªÉ´ÉvÉÉxÉ)
SHRIMATI GEETA MUKHERJEE (PANSKURA): Sir, we have also given notice.
MR. CHAIRMAN: What can I do unless everybody behaves properly in the House? Now, Prof. Premajam will speak.
PROF. A.K. PREMAJAM (BADAGARA): Mr. Chairman, Sir, I thank you…