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Title: Need to declare Girnar Ropeway Project as a National Heritage and give railway connectivity to Somnath, Verawal and Junagarh in Gujarat.
श्री नारनभाई कछाड़िया (अमरेली):महोदय, मैं आपके माध्यम से केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री जी को गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट के संदर्भ में गुजरात आने का हार्दिक निमंत्रण देता हूं। उन्होंने पिछले 12 वर्षों से स्थगित पड़े हुए रोपवे प्रोजेक्ट को सेंट्रल बोर्ड आफ वाइल्ड लाइफ की सहायता से शुरू कराने के लिए, मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। जैसे कि गुजरात के प्रमुख दैनिक अखबार में, संदेश में दिनांक 1 दिसंबर, 2009 के संस्करण के इस प्रमुख खबर को प्रकाशित किया गया है।
महोदय, गिरनार एक ऐतिहासिक-पौराणिक, धार्मिक स्थल है। प्रतिवर्ष वहां शिवरात्रि जैसे महान पर्व पर देश के विभिन्न भागों से लाखों की संख्या में श्रृद्धालु आते हैं। इस आस्था के प्रतीक का मुगल वंश के दरम्यान जितना महत्व था, वह आज भी कायम है। गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव श्री एस. के. नंदा जी के हवाले से यह सूचित किया गया है कि माननीय मंत्री महोदय जी 5-12-2009 को जूनागढ़ आ रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि माननीय मंत्री महोदय इस गिरनार रोपवे पर, वर्षों से आड़े आ रहे इस ग्रहण को दूर करेंगे। साथ ही साथ मैं मंत्री महोदय से मांग और दर्ख्वास्त करता हूँ कि इस प्रयोजन के लिए जो 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है उसे वन और पर्यावरण मंत्रालय से तत्काल रूप से लागू करवाएँ और निर्धारित अवधि में उसका काम पूरा करवाया जाए। मेरा मंत्री महोदय से आग्रह है कि वह गिरनार रोपवे प्रोजैक्ट को एक राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए अपने माध्यम से प्रयास करें …( व्यवधान) साथ ही साथ सोमनाथ-जूनागढ़ के लिए यह सुविधा दें। …( व्यवधान) मेरी मंत्री महोदय से मांग है कि इस प्रोजैक्ट को निर्धारित समय से संपन्न करके देश को और गुजरात की जनता को प्रदान करें।