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Title: Need to have a transparent policy on disinvestment- Laid.
( फिरोजबाद):अध्यक्ष महोदय, वनिवेश के संबंध में स्पष्ट और सुविचारित नीति के अभाव में सरकार आरोपों से लगातार घिरती जा रही है। मामला सी.एम.सी का हो या सैंटूर होटल का, देश का आम आदमी मानने लगा है कि सरकार में बैठे लोग अपने लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में लगे हैं। हिन्दुस्तार पैट्रोलियम अथवा भारत पैट्रोलियम इकाइयों को बेचने के प्रस्ताव ने लोगों में धारणा बलवती बना दी है। सरकार उपरोक्त आरोपों के जवाब में कहती है कि देश के पैसे को न तो बरबाद होने दिया जायेगा और न सरकारी लोगों को व्यापार के बहाने लूट का अवसर दिया जायेगा। बी. पी सी एल व एच.पी. सी एल को निजी क्षेत्र को सौंपना और ओ.एन.जी.सी., गैल, पॉवर ग्रिड कारपोरेशन, ऑयल इंडिया लमिटेड आदि सरकारी कम्पानियों को न देश में बल्कि विदेशों में पूंजी निवेश की खुली छूट सरकार द्वारा देना स्वयं में विरोधाभास पैदा करता है।
अत: मेरा आग्रह है कि सरकार वनिवेश नीति का स्पष्ट निर्धारण करे और उस पर अमल करे, जिससे आम आदमी का विश्वास सरकार जीतेगी ही देश की भी सही सेवा कर पायेगी।