Title : Alleged failure of administration in Bihar.
श्री सुशील कुमार मोदी (भागलपुर) :उपाध्यक्ष महोदय, आज २५ तारीख हो गई है लेकिन अभी तक बिहार के ८० हजार कर्मचारियों को जुलाई महीने का वेतन नहीं मिला है। बिहार का खजाना खाली हो गया है। संसद ने ५ महीने का जो बजट पारित किया था, तीन महीने के भीतर वह पैसा खत्म हो गया है। बजट का केवल ९ परसैंट पैसा खर्च हुआ है। There is complete administrative chaos in Bihar. बिहार में पूरी प्रशासनिक अराजकता है। बिहार के जो एकमात्र सलाहकार हैं, उनके भी सारे अधिकार छीन लिए गए हैं। चीफ सैक्रेटरी छुट्टी से लौट कर आए हैं। उनका कहना है कि होम कमिश्नर हटाए जाएं। वह इसी शर्त पर लौट कर आए हैं। केन्द्र के मंत्री का आपस में मतभेद चल रहा है। विश्वविद्यालय के ३३ हजार कर्मचारी जो तीन महीने से हड़ताल पर थे, वे लौट कर आए हैं। वहां जो परिस्थिति पैदा हो गई है, वह कंट्रोल से बाहर है। वहां प्रशासनिक अराजकता पैदा हो गई है। राज्यपाल ने रेल मंत्री को जो पत्र लिखा है, उसके कारण पूरी नौकरशाही का मनोबल गिरा है। बिहार के राज्यपाल को अविलम्ब हटाया जाए और उन पर महाअभियोग लगाया जाए ताकि बिहार को प्रशासनिक अराजकता से बचाया जा सके। …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Please sit down. Nothing to be recorded.
(Interruptions) … *
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* Not Recorded
ग्रामीण विकास मंत्री (डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह) : अगर ९ परसैंट खर्चा हुआ है तो खजाना कैसे खाली हुआ? इसलिए यह तथ्यात्मक गलत है कि खजाना खाली है। सभी को वेतन मिलेगा और सारा काम होगा।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Not to be recorded.
(Interruptions) …*