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Title : Need for formulate rehabilitation policy for persons whose lands have been acquired by Public and Private Sector Organisations.
श्री हेमलाल मुर्मू (राजमहल) : अध्यक्ष महोदय, देश के वभिन्न राज्यों में खासकर उद्योग बहुल राज्यों में विस्थापितों से एक बड़ी भयावह स्थिति उत्पन्न हुई है। राज्य के मूल निवासियों को वहां स्थापित उद्योंगों में नौकरी न मिलने के कारण, राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास नीति का निर्माण नहीं करने के कारण राज्य की गरीब जनता, खासकर आदिवासी लोग भुखमरी और पलायन के शिकार हो रहे हैं।
झारखंड में प्राइवेट और पब्लिक सैक्टर तथा उनकी आनुषंगिक इकाइयों में जो मूल निवासी और आदिवासी विस्थापित हो रहे हैं, उनको वहां पर नौकरी और रोज़गार नहीं मिलने के कारण तमाम लोग कोयला, लोहा और कबाड़ चुनने के बाद भी कंपनियों द्वारा क्रमिनल कार्रवाइयों के शिकार हो जाते हैं, एवं उन्हें अवैध खनन करने का दोषी माना जाता है। कोयला खदानों में सीआईएल और सेल की इकाइयों में भी उन लोगों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं होता जिसकी वजह से उनमें कुपोषण और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हुई है। वहां के लिए आवश्यक रूप से एक पुनर्वास नीति बनाई जाए जिससे वहां के लोगों को न्याय मिल सके। …( व्यवधान)