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Title: Issues regarding Indira Awas Yojana.
चौधरी लाल सिंह (उधमपुर) : अध्यक्ष जी, मैं आपकी परमीशन से एक तकलीफ देना चाहता हूं। आप जानते हैं कि गरीब आदमी की पहचान और हर बड़े या छोटे आदमी की पहचान एक मकान के जरिये होती है। उसका एक घर होता है, उसी के मुताबिक हमारी सरकार ने पहली दफा इन्दिरा आवास योजना का आगाज़ किया था कि एक गरीब को मकान दिया जायेगा। जो लोग हाउसलैस हैं, उनको बसाने के लिए ऐसा किया जायेगा, लेकिन इतने ज्यादा मकान नहीं बन पाये। जब हम लोग कांस्टीट्वेंसी में जाते हैं, हल्के में जाते हैं तो…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Shri D.P. Yadav, you cannot raise two subjects.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: There should not be any running commentary in the House.
… (Interruptions)
चौधरी लाल सिंह : कहीं आग लगी होती है, मकान जले होते हैं और कहीं डैमेज हुआ होता है। कहीं स्नो फॉल से, रेल फॉल से लोगों के मकान गिर जाते हैं, जैसे पिछले दिनों अर्थक्वेक आया था तो मकान गिर जाते हैं। हम एम.पी. लोग कांस्टीट्वेंसी में जाते हैं तो उनके साथ सिर्फ दुख ही बंटाते हैं, हम उन्हें कुछ नहीं दे सकते।
इन्दिरा आवास योजना एक स्कीम है, उसी पैटर्न पर एम.पी. को ऑथोराइज़ होना चाहिए कि जहां जायेगा, जिसके घर को आग लगी है, घर तबाह और बर्बाद हुआ है, आदमी हाउसलैस है तो एम.पी. अपने डिस्क्रीशनरी एमपीलैड फंड से उस गरीब आदमी को…( व्यवधान)
वह एम.पी. वहां जाकर ऑन स्पाट उसकी मदद कर पाये, यह बहुत महत्वपूर्ण है। आप जानते हैं कि गर्मी में एक गरीब आदमी मकान के बगैर कैसे रहता है और सर्दियों में हमारे इलाकों में जब स्नोफॉल होता है, बर्फ गिरती है…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आपकी बात हो गई, रिपीट करने की जरूरत नहीं है।
चौधरी लाल सिंह : मेरी रिक्वैस्ट रहेगी कि एम.पी. को ऑथोराइज़ किया जाये, एमपीलैड में तरमीम की जाये, ताकि डिस्क्रीशनरी कोटे का प्रोपर इस्तेमाल करे। आपकी बड़ी मेहरबानी, शुक्रिया, धन्यवाद।…( व्यवधान) मैंने कोकाकोला से बाहर निकाला है।
श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल) : मैं भी इसके साथ एसोसिएट करता हूं।…( व्यवधान)
MR. SPEAKER: This is strange.
… (Interruptions)
अध्यक्ष महोदय : यह क्या बात है, हम अपनी बात ही बोलेंगे और किसी दूसरे की बात नहीं सुनेंगे? यह क्या बात हो रही है?
…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : सब की बात राष्ट्रीय महत्व की है। यह क्या हो रहा है? You all have given notices on matters of urgent public importance. Do you think that only your matter is important?
… (Interruptions)