Title: Decline in agricultural growth in the 10th Five Year Plan.
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“Village after village in Punjab is up for sale. Rural indebtedness has reached such alarming proportions that the entire communities are forced to ‘distress sale’ their lands.
Bhutal Kulan, a village in Sangrur district, comprising around thousand acres of land is up for sale. Local farmers heavy indebted to moneylenders and corporate banks are selling their landholdings at a pittance.”
महोदय, ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि छोटे और मझोले किसानों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इस देश के ७८ प्रतिशत किसान छोटे और मझोले किसान हैं। जब वे बैंक से ऋण लेने जाते हैं, तो उनको मार्जिन मनी जमा कराने के लिए कहा जाता है और गारन्टी लाने कि लिए कहा जाता है, जबकि वे दोनों नहीं दे सकते हैं, इसलिए आज छोटा और मझोला किसान भूख की कगार पर खड़ा है।
महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहूंगा कि छोटे और मझोले किसानों से गारन्टी और मार्जिन मनी न जमा कराई जाए और उनकी खड़ी फसल को ही सिक्योरिटी मानकर २५००० रूपए तक का ऋण दिया जाए। इससे आज जो हालत छोटे और मझोले किसानों की है, वह दुर्दशा नहीं होगी।
19.28 hrs. (Shri Varkala Radhakrishnan in the Chair)
महोदय, हमारा देश फल और सब्जियों के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है, लेकिन ५० हजार रूपए की फल और सब्जियां हमारे देश में प्रतिवर्ष सड़ जाती हैं क्योंकि हमारे पास खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नहीं हैं। हमारे देश में केवल ७ प्रतिशत खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग हैं जो हमारे एग्रीकल्चरल वैल्यू एडीशन के काम से सम्बद्ध हैं। लेकिन यूरोपीय देशों में वे १०० प्रतिशत खाद्य प्रसंस्करण के अंडर लाकर फलों और सब्जियों को बर्बादी से बचाते हैं। मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहूंगा कि इस ओर ध्यान दें और किसानों की जो चिन्ता बता रहे हैं, अगर वाकई इनको चिन्ता है तो इन सब बातों पर ध्यान देकर कुछ ठोस काम करके दिखाएं। धन्यवाद।